मुरादाबाद। एक ही ड्यूटी में मालगाड़ी बदलकर कार्य अवधि बढ़ाने पर रोक लगे और रनिंग स्टाफ को सातवें दिन विश्राम अवकाश मिले। बृहस्पतिवार को डीआरएम विनीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) बैठक में नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन (नरमू) ने कर्मचारियों की इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
बैठक के पहले दिन कर्मचारी हितों और परिचालन सुधारों से जुड़े 146 शुरुआती मुद्दों पर चर्चा हुई। यूनियन ने एएलपी की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज करने, मेडिकल के बाद जल्द साइको टेस्ट कराने और रेलवे बोर्ड के 12 अक्तूबर 2023 के आदेश के तहत असाधारण परिस्थितियों में ही ड्यूटी बढ़ाने की मांग की। यूनियन ने 16 जनवरी 2025 के 210 एलपीजी पदोन्नति पैनल में शेष 88 कर्मचारियों के आदेश जारी करने तथा एलपीपी, एलपीएम और एलपीएस-द्वितीय पैनल के लंबित प्रमोशन शीघ्र करने पर जोर दिया। एएलपी की एपीएआर में बिना आरोप के गुड ग्रेडिंग देने पर भी आपत्ति जताई। मृत्यु और वीआरएस सेटलमेंट, तीसरे लाभार्थी की पारिवारिक पेंशन तथा अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में देरी दूर करने के लिए समय-सीमा तय करने की मांग की गई। पैनल अस्पतालों में मरीजों को डिस्चार्ज के समय नियमानुसार सात दिन की दवाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही का मुद्दा भी उठा। इसके अलावा मुरादाबाद यार्ड की रीमॉडलिंग, हरथला और लोदीपुर में ट्रेनों की घंटों की रोक समाप्त करने तथा सीएलआई के वेतन निर्धारण की विसंगतियां दूर करने की मांग रखी गई। वाणिज्य, स्वास्थ्य और लोको रनिंग से जुड़े 30 मुद्दों में से छह पर अंतिम सहमति बनी। बैठक में नरमू के केंद्रीय उपाध्यक्ष एमपी चौबे, मंडल सचिव राजेश कुमार चौबे और मंडल अध्यक्ष कुंवर सुहेल खालिद खान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। रेल प्रशासन की ओर से एडीआरएम इंफ्रा प्रेम शंकर झा, एडीआरएम परिचालन पारितोष गौतम, सीनियर डीपीओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।