मुरादाबाद एसएसपी आवास के फर्जी कागज बनाने के मामले में जांच कर रही एसआईटी को नए राज पता चल रहे हैं। जांच में पता चला है कि सौ साल से नगर निगम में एसएसपी आवास आईपीएस हाउस के नाम से दर्ज है। वहीं, इस मामले में संदेह होने पर पांच माह पहले तत्कालीन एसएसपी ने दो भाइयों सुनील और सुधीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
1927 के पहले मुरादाबाद एसएसपी का निवास एडीजी ट्रेनिंग के आवास में था, लेकिन पुलिस एकेडमी के एडीजी की मुरादाबाद में तैनाती के बाद वह आवास उन्हें दे दिया गया। एसएसपी को 1927 में आवास विकास कॉलोनी में स्थान दिया गया। यह आवास करीब 6000 वर्ग मीटर में फैला है। तभी से मुरादाबाद के एसएसपी इसी बंगले में रहते रहे हैं।
एसएसपी बंगले पर 1927 से 2003 तक किसी ने अपना मालिकाना हक नहीं जताया था। 2003-04 में एक अधिवक्ता ने इस बंगले को अपना बताते हुए कोर्ट में दावा ठोंक दिया। इसके बाद एसएसपी पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराया का भुगतान करते रहे।
2019 में जब किराया बढ़ाने का मामला कोर्ट में पहुंचा गया तो एसएसपी ने किराया देना बंद कर दिया। इसके बाद जांच कराई गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। एसआईटी में शामिल अपर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी पूरे रिकार्डों की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं। मंडलायुक्त आंजनेय सिंह ने एक सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी आवास की जमीन के मामले में अपर आयुक्त सर्वेश गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है। इसमें पुलिस को शामिल नहीं किया गया है। जांच के बाद अधिकारी जो रिपोर्ट देंगे, उसी आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। - आंजनेय कुमार सिंह मंडलायुक्त, मुरादाबाद