पुलिस स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की हत्या के मामले की तह तक जाने में जुट गई है। इसके लिए पुलिस दुकान के विवाद, पुरानी रंजिश के अलावा अन्य एंगल की भी पड़ताल कर सच सामने लाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए पुलिस ने परिजन, दोस्त और पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
रामगंगा विहार निवासी अरन्या सिग्नेचर अपार्टमेंट निवासी कुशांक गुप्ता का पिछले कई साल से कभी दुकान खाली कराने को लेकर तो कभी किराये को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद में कुछ राजनीति से जुड़े लोग भी सामने आ गए थे। आरोप है कि कुशांक के साथ मारपीट की गई थी। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस केस में चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही थी। तब कुशांक ने अपनी दुकान के बाहर ही धरना दिया था। इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने का भरोसा दिलाया था।
इसके बाद कुशांक का विवाद दूसरे दुकानदार से शुरू हो गया था। नवंबर माह में दुकान खाली कराने को लेकर फिर से मारपीट हुई थी। तब पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की थी। पुलिस व्यापारी के विवाद के अलावा अन्य एंगल पर भी पड़ताल में जुटी है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं किसी को फंसाने के मकसद से तो कुशांक की हत्या नहीं कराई गई है।
हत्या की कहानी, चश्मदीद की जुबानी
करीब साढ़े आठ बजे का वक्त था। रोज की तरह भैया ने मुझसे दुकान बंद करने के लिए कहा। बाहर रखा सामान मैंने अंदर रखना शुरू किया। भैया ने कुत्ते को अपनी गोद में लिया और टहलने लगे। मैं भी सामान अंदर रखने के बाद गेट बंद करने लगा। इसी दौरान अकबर किले वाली सड़क से एक स्पलेंडर बाइक आई। दुकान से कुछ दूर पहले ही बाइक पर पीछे बैठा युवक उतर गया।
उसने भारी जैकेट पहन रखी थी। उसके मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था। वह भैया के पास पहुंचा और सिर में तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर मैंने पीछे मुड़कर देखा तो भैया सड़क पर पड़े थे। इसी दौरान बाइक आ गई और कुछ दूर दौड़ने के बाद गोली मारने वाला युवक भी उसी बाइक पर बैठ गया। इसके बाद दोनों साईं अस्पताल की ओर भाग निकले। मैंने भैया के फोन से ही उनके घर कॉल कर घटना की जानकारी दी।
कुत्तों को बचाने लिए निगम की टीम से भिड़ गया था कुशांक
स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक को कुत्तों से बड़ा प्यार था। वह सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों की देखभाल भी करते थे। अगर कोई कुत्ता जख्मी या बीमार हो जाता था तो उसका पशु अस्पताल में इलाज भी कराते थे। यही नहीं इन कुत्तों के लिए दुकान के बाहर डॉग हाउस बना रखा था। जहां इन कुत्तों को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम किए गए थे। एक बार नगर निगम की टीम इन कुत्तों को पकड़ने गई तो वह टीम से भिड़ गए थे। कुशांक ने निगम टीम से इनकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाने की बात कही थी।
खुलासे के लिए एसएसपी ने लगाईं पांच टीमें
रामगंगा विहार में दुकान के बाहर स्पोर्ट्स कारोबारी की गोली मारकर हत्या की जांच में पुलिस जुट गई है। एसएसपी ने रात में ही घटनास्थल का मौका मुआयना किया। उन्होंने हत्या के खुलासे के लिए पांच टीमें लगाईं हैं। एसएसपी ने जल्द खुलासे का दावा किया है।
सिविल लाइंस थाने में कुशांक के पिता अशोक कुमार गुप्ता की तहरीर पर बिजनौर के नूरपुर थानाक्षेत्र के कबीर नगर निवासी प्रियांशु गुप्ता और उसके भाई हिमांशु गोयल के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जिसमें पिता ने बताया कि वह दुकान बंद कराने के लिए दुकान पर पहुंचे थे। वहां मेरा बेटा सड़क पर पड़ा था। मैंने उसे उठाया तो उसने बताया कि मुझे प्रियांशु गुप्ता और उसके भाई हिमांशु गुप्ता ने गोली मारी है। मैं अन्य लोगों की मदद से अपने बेटे को कॉसमॉस अस्पताल ले गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया है। ब्यूरो
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में देखे गए हत्यारोपी
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कुशांक की दुकान के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जिससे पता चला कि जिस वक्त कारोबारी घर जाने के लिए दुकान से निकले थे। उससे पहले तक एक सफेद रंग की कार पास में ही खड़ी थी। फुटेज के मुताबिक, अचानक कार वहां से रवाना हो गई। इसी दौरान अकबर किले की ओर से बाइक आ गई। जिस पर दो युवक सवार थे। ब्यूरो