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मुल्क के वजीर-ए-आजम और गृहमंत्री साहब बहुत कमजोर है आपकी इंटेलीजेंस : आजम -000

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टांडा(रामपुर)। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाइयों को जुल्म बताया। कहा कि मुल्क के वजीर-ए-आजम और गृहमंत्री साहब मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुझे इस बात का भी अफसोस है कि आपकी इंटेलीजेंस बहुत कमजोर है। आपके जितने खुफिया महकमे हैं, वो नाकाम हैं। आप कैसे बचाएंगे दुश्मन से मुल्क को। जब आप मेरा नाम माफिया नंबर एक पर लेते हैं। नंबर दो पर मुख्तार अंसारी और नंबर तीन पर अतीक अहमद का नाम लेते हैं। उस वक्त हिंदुस्तान की सारी इंटेलीजेंस कम से कम मेरी निगाह में फेल हो जाती है।
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शुक्रवार की रात टांडा में आयोजित चुनावी जनसभा में आजम खां जिगर मुरादाबादी के शेर सुनाते हुए कहा कि गम की ऐसी कोई लंबी रात नहीं, जिसकी सुबह न हो। कहा कि मेरे और मेरे अपनों के साथ, मेरे शहर व जिले के साथ जो सलूक हुआ, वो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि पूरी दुनिया में किसी सियासतदां के साथ किसी हुकूमत ने इतना बुरा सलूक नहीं किया होगा। आरोप है कि वजीर रहते हुए मैंने, मेरी असिस्टेंट प्रोफेसर पत्नी ने और मेरे एम.टेक पास बेटे ने जो विधायक भी था ने शराब की दुकान लूटी थी और 16 हजार रुपये गल्ले से चोरी किया था। हम पर सैकड़ों मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कितना बड़ा अपमान है, उन लोगों का जिन्होंने हमें इतनी बार चुन कर भेजा है।
आजम ने कहा कि जेल में रहते हुए बीमारी के बाद मेरी क्या हालत थी, आपने तस्वीरों में देखा था। उस हालत में ईडी ने घंटों बिठाकर मुझसे पूछताछ की। मैंने कहा कि आप जो मुझसे सवालात कर रहे हैं उन पर मुझे गुस्सा नहीं आ रहा बल्कि शर्म आ रही है कि मैं कहां पैदा हुआ हूं। कहा कि देश की आजादी के बाद हिंदू-सिख भाई पाकिस्तान नहीं जा सकते थे पर हम जा सकते थे, लेकिन नहीं गए। क्योंकि यहां पर हमारे पूर्वजों की यादें हैं लेकिन, हमें ये पता नहीं था कि हमारे साथ यहां यह सलूक होगा कि हमारे खिलाफ मुर्गे, बकरी, भैंस, किताब और फर्नीचर की चोरी नहीं डकैती के मुकदमे होंगे। ये मयार है हुकूमत का।
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कहा कि मैं बताना चाहता हूं मुल्क के वजीरे-ए-आजम और गृहमंत्री को उन तक पहुंचेंगी मेरी आवाज, ये तकरीर सुनी जा रही होगी कि मुझे इस बात का अफसोस है कि आपकी इंटेलीजेंस यही सलाह देती है कि मैं माफिया हूं, तो फिर हिंदुस्तान का मुस्तकबिल बहुत खतरे में है। हमने हर चीज बर्दाश्त की है। हमने नबी की शान में तौहीन भी बर्दाश्त की है। बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि का मूवमेंट चला, तो मैं उसका संयोजक था, लेकिन एक भी तकरीर में अगर मैंने किसी देवी-देवता की शान में गुस्ताखी की हो तो हम अपनी सजा खुद तय करेंगे। किसी धर्म की तौहीन करने से हमें हमारा मजहब रोकता है। हमारा अल्लाह और हमारा कुरआन रोकता है। जनसभा में आजम खां ने कानून व्यवस्था, रोजगार और महंगाई का मुद्दा भी उठाया।
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