मेयर उप चुनाव में सपा से राजकुमार प्रजापति को उम्मीदवार बनाए जाने पर सपाइयों में रोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक घमासान मचा हुआ हैै। बागी सपाई प्रत्याशी बदले जाने की जिद पर अड़े हैं। शनिवार को लखनऊ पहुंचे बागियों ने पार्टी हाईकमान से शिकायत की। वहीं मुखालफत करने वाले सभी प्रत्याशियों ने प्रजापति के खिलाफ चुनाव लड़ने का दावा किया है।
टिकट के दावेदारों में शामिल रहे शुएब पाशा शनिवार को सलीम वारसी, यूसुफ मलिक, मुशाहिद खां और रईस खां के साथ लखनऊ पहुंच गए। जहां सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की और मेयर उप चुनाव को लेकर शहर की स्थित से अवगत कराया। शुएब पाशा का कहना है कि उन्होंने साथियों के साथ मेयर प्रत्याशी को बदले जाने की मांग की गई। साथ ही प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने वालों के तेवर से भी अवगत कराया दिया गया है।
हालांकि हाईकमान से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। वहीं बागी सपाई चुनाव लड़ने की जिद पर अड़े हैं। सभी अपने-अपने पास समर्थन का दावा किया है। कैसर अली कुद्दूसी ने बताया कि वह हरहाल में चुनाव लड़ेंगे। चाहे पार्टी से इस्तीफा क्यों ना देना पड़े। दूसरी ओर जावेद अंसारी ने भी नामांकन वापस नहीं लेने की जिद पर अड़े हैं। कहा कि उनके पास पार्टी कार्यकर्ता का समर्थन है।
मेयर उप चुनाव
सपा से पहली बार गैरमुस्लिम चेहरा
मेयर पद के लिए ये पहला मौका है, जब समाजवादी पार्टी ने गैरमुस्लिम चेहरा चुनाव में उतारा है। मेयर के लिए अब तक हुए चुनावों में पार्टी ने तीन बार मुस्लिम चेहरे को ही अपना उम्मीदवार बनाया है। इसमें दो बार मुस्लिम प्रत्याशी साइकिल दौड़ाने में कामयाब भी रहे हैं। वहीं पिछले चुनाव में सपा ने किसी को सिंबल नहीं दिया था।
ताकत दिखाने में जुटे बागी सपाई
मेयर उप चुनाव को लेकर सपाइयों में खींचतान जारी है। टिकट के दावेदार से बागी बने सपाई अपनी-अपनी ताकत दिखाने में जुटे हैं। कोई जुबानी तो कोई जमीनी समर्थन दिखाने में लगा है। कैसर अली कुद्दूसी के समर्थन में सपा पार्षदों ने मकबरा में बैठक की। जावेद अंसारी और शुएब पाशा भी संपर्क साध रहे हैं। वहीं सपा प्रत्याशी राजकुमार प्रजापित धर्मगुरुओं से मिले और अपना पक्ष में समर्थन मांगा।