मुरादाबाद। मूंढापांडे के नौ साल पुराने दूध कारोबारी कल्लू की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे- आठ राकेश कुमार गौतम की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने कारोबारी के बेटे मुलजिम अतीक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि उसकी मां जमीला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है तीसरे आरोपी सलमान की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
मूंढापांडे थाना के दौलतपुर अजमतपुर निवासी कल्लू की छह जुलाई 2017 को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। कल्लू दूध का कारोबार करता था। घटना से करीब डेढ़ साल पहले कल्लू ने पहली पत्नी जमीला को छोड़ कर मझोला के जयंतीपुर निवासी फहमीदा से दूसरी शादी कर ली थी। जमीला को कल्लू ने अपनी संपत्ति में हिस्सा देने से भी इन्कार कर दिया था। इसी बात से जमीला परेशान थी। जमीला के बड़े बेटे अतीक ने छह जुलाई 2017 को रामपुर के शाहबाद निवासी दोस्त सलमान व एक अन्य साथी के साथ मूंढापांडे के गांव गोविंदपुर के पास पहुंच गया था। दूध लेने जा रहे बाइक सवार पिता कल्लू को घेर लिया और चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने सलमान, अतीक और जमीला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे-8 राकेश कुमार गौतम की अदालत में चली। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बृहस्पतिवार को अतीक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।