मुरादाबाद। उमरी सब्जीपुर गांव में अरमान और काजल के प्रेम संबंधों की चर्चा गांव में फैली तो बात गनपत और उसके बेटों के कानों तक पहुंच गई। उन्होंने बेटी पर पाबंदी लगाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए कभी समझाकर तो कभी डांट फटकार कर। कई बार दोनों पक्षों की पंचायत भी हुई। इसके बाद अरमान को दुबई भेज दिया गया लेकिन वो वहां भी नहीं रुका।
मो. हनीफ का बेटा अरमान चार साल पहले दुबई टाइल्स लगाने का काम गया था। उस वक्त काजल की उम्र 16 साल थी और वह दसवीं की परीक्षा पास की थी। दो साल बाद अरमान दुबई से आया तो काजल ने इंटरमीडिएट कर लिया था। दोनों के घर आस पड़ोस में होने के कारण दोनों के बीच बातचीत होने लगी थी। छत पर बात करते तो कभी मोबाइल पर बात करते थे। धीरे धीरे इस बात की चर्चा मोहल्ले के साथ ही गांव में फैलने लगी थी। काजल के पिता गनपत और उसे तीनों भाई रिंकू, सतीश और राजाराम भी भनक लग गई थी। उन्होंने काजल पर पाबंदियां लगाई लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। उन्होंने अरमान को भी समझाया कि वह उनकी बेटी से बातचीत बंद कर दे लेकिन वह नहीं माना तो अन्य लोगों के जरिए उसके पिता व भाइयों को बताया गया। कई बार पंचायत के बाद मो. हनीफ ने दोबारा उसे दुबई भेज दिया था लेकिन दुबई जाने के बाद भी वह काजल से बात करता था। चार माह पहले घर लौटा तो उसने काजल से मिलने उसके घर जाने लगा था। इसकी जानकारी परिवार के लोगों को हो गई थी।