मुरादाबाद। रिश्वत देने के बाद भी जब युवक सिपाही नहीं बन पाया तो उसने दुकान से वर्दी खरीदकर उगाही शुरू कर दी। उसने पीएसी सिपाही की वर्दी पहनकर कई शहरों में लोगों से उगाही की। इस बार वह मुरादाबाद पहुंचा, लेकिन यहां सिविल लाइंस क्षेत्र में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वह बिना मास्क घूम रहे लोगों को जेल भेजने की धमकी देकर उगाही कर रहा था। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 170, 171 व 419 के तहत केस दर्ज कर उसका चालान कर दिया गया है।
एएसपी अनिल यादव ने बताया कि सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में तीन चार दिन से एक युवक पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों पर रौब गालिब कर रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत सिविल लाइंस थाना पुलिस से की। इस पर दरोगा कपिल कुमार मौके पर पहुंचे और पीएसी की वर्दी पहने युवक से पूछताछ की। मगर आरोपी युवक दरोगा के सवालों के जवाब नहीं दे सका। उसने पुलिस का फर्जी पहचान पत्र भी बनवा रखा था। पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई। यहां पूछताछ में युवक ने अपना नाम राजन वर्मा निवासी मीदनिया, थाना सदर कोतवाली, जिला लखीमपुर खीरी बताया।
पूछताछ में राजन वर्मा ने पुलिस को बताया कि वह पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहता था। इसी प्रयास में उसकी मुलाकात फैजाबाद निवासी सुनील से हुई। सुनील ने पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर उससे डेढ़ लाख रुपये लिए थे। उसने वर्दी पहनवाकर राजन के फोटो बनवाए और आई कार्ड बनाकर दे दिया। उससे कई बार मेले में भी ड्यूटी करवाई गई। राजन ने पुलिस को बताया कि ठगी का पता चलने पर उसने सुनील के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। जिसमें आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
राजन ने बताया कि पुलिस में भर्ती न होने पर उसने एक और वर्दी दुकान से खरीद ली। इसके बाद वह शहराें में घूमकर लोगों से उगाही करता रहा। वह बिना मास्क घूमने वाले लोगों को पकड़ता और उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर उगाही करता। सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड सहिता की धारा 170 (लोकसेवक का रूप धारण करना), धारा 171 (लोकसेवक के रूप में प्रदर्शन करना) व 419 (प्रतिरूप धारण कर लोगाें से छल करना) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।