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मुरादाबाद: कोटेदारों को भेजने से पहले डीसीओ ने पकड़ा खराब आधे से ज्यादा मिट्टी गेहूं

Sun, 20 Dec 2020 02:56 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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वापस भेजी गईं बोरियां - फोटो : अमर उजाला
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एफसीआई गोदाम से कोटेदारों को वितरण के लिए मंडी समिति स्थित एसएफसी गोदाम भेजा गया खराब गेहूं गोदाम प्रभारी की सतर्कता के चलते उतरने से पहले ही पकड़ लिया गया। सूचना पर पहुंचे डीएसओ को ट्रक में लदी कई बोरियों में न सिर्फ मिट्टी मिला गेहूं पाया गया बल्कि गेहूं से भरी कई बोरियां ऐसी मिलीं जिनके बीच में पॉलीथिन में मिट्टी भरकर रखी गई थी। डीएसओ ने गेहूं का नमूना सील करने के साथ ही इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंप दी है, ताकि उसके स्थान पर एफसीआई से दूसरा गेहूं मंगाकर कोटेदारों को भेजा जा सके। घटना के बाद से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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शुक्रवार देर शाम को एफसीआई गोदाम से एक ट्रक गेहूं मंडी समिति स्थित एसएफसी गोदाम पर उतरने के लिए पहुंचा। वहां तैनात सहायक गोदाम प्रभारी रामाशंकर ने एक बोरी में परखी लगाई तो उसे गेहूं की क्वालिटी खराब दिखाई दी। लिहाजा उसने सुबह गेहूं का परीक्षण कराने के बाद उतारने को कहा। सुबह गेहूं उतारने से पहले जब उसने पुन: कुछ बोरियों में परखी लगाई तो उसमें मिट्टी मिला गेहूं निकला। इसकी सूचना उसने तुरंत डीएसओ संजीव सिंह को दी। 

सूचना मिलते ही संजीव सिंह मौके पर पुहंच गए। उनके सामने कुछ बोरियां ट्रक से उतरवाई गई और उसे चेक किया गया। इस पर कुछ बोरियों में बीच में पॉलीथिन के भीतर मिट्टी भरी मिली तो कुछ बोरों के गेहूं में मिट्टी मिली पाई गई। गेहूं की क्वालिटी भी ठीक नहीं मिली। इस पर डीएसओ ने इसकी सूचना पहले एफसीआई के अधिकारियों को दी और फिर उसका नमूना लेकर सील कर दिया। डीएसओ ने बताया कि जिस ट्रक में खराब गेहूं की बोरियां मिली हैं उसमें 500 बोरी गेहूं लदा है। 
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लिहाजा वह सभी गेहूं वापस एफसीआई को भेजा जा रहा है ताकि वहां से अच्छी क्वालिटी का गेहूं प्राप्त हो सके और उसे उपभोक्ताओं को वितरित करने के लिए कोटेदारों को भेजा जा सके। पूरी स्थिति की रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज दी गई है। डीएसओ ने बताया कि इससे पहले एक दो बार गेहूं अथवा चावल के साफ न होने अथवा दाना काफी छोटा व काला होने की तो एक दो शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन खाद्यान्न की बोरी में मिट्टी रखने की घटना पहली बार सामने आई है।

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कहां से आया गेहूं, कौन है दोषी, होगी जांच

एफसीआई गोदाम से खराब गेहूं मिलने की घटना के बाद से महकमे में हड़कंप है। एफसीआई के मंडलीय प्रबंधक रोहित नागपाल ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए डिपो इंचार्ज कुमार सौरभ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इस कमेटी को जांच कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कोटेदारों को वितरण के लिए उसके स्थान पर दूसरा गेहूं भेजा जाएगा।

मंडलीय प्रबंधक ने कहा कि एफसीआई में जिले के विभिन्न क्रय केंद्रों से खरीदा गया गेहूं एफसीआई गोदाम पर पहुंचता है। हालांकि क्रय केंद्र से गोदाम पहुंचने वाले गेहूं को चेक करने के बाद ही गोदाम में उतरवाने की व्यवस्था है। इसके बाद भी यह चूक कैसे हुई यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि गोदाम में क्रय एजेंसी से लाए गए गेहूं को अलग-अलग चट्टों में लगाया जाता है। जिससे यह पता लग जाएगा कि संबंधित गेहूं किस क्रय केंद्र से गोदाम लाया गया था। इस घटना के बाद से अब और सतर्कता बरती जाएगी।

ये है खाद्यान्न आपूर्ति की व्यवस्था
जिले में साढ़े पांच लाख से अधिक राशनकार्ड धारक हैं। जिन्हें प्रतिमाह खाद्यान्न के रूप में गेहूं व चावल का वितरण सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकानों से किया जाता है। उपभोक्ताओं के लिए  खाद्यान्न की व्यवस्था एफसीआई के माध्यम से की जाती है। एफसीआई गोदाम से ट्रक में लोड होकर उसे मंडी स्थित एसएफसी के गोदाम में पहुचाता है। वहां से यह खाद्यान्न पुन: ट्रकों में लोड होकर कोटेदारों की दुकान तक पहुंचाया जाता है। अगर यह ट्रक एसएफसी गोदाम पर नहीं पकड़ा जाता तो यह गंदा गेहूं कोटेदारों तक पहुंच जाता और तब इसका पता उपभोक्ताओं को वितरित करने के समय पता लग पाता। तब इसका सारा ठीकरा कोटेदार के सिर फोड़ा जाता।
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