कांठ सर्किल के एक थानेदार की हरकत से पूरे महकमे में बवंडर मचा है। एसओ साहब को थाने में तैनात एक महिला कांस्टेबिल का साथ इस कदर भाता है कि रात में भी उन्हें उसी की ड्यूटी चाहिए। लेकिन महिला कांस्टेबिल को साहब का खुद में जरूरत से ज्यादा दिलचस्पी लेना मंजूर नहीं। लिहाजा उसने बगावत का बिगुल छेड़ दिया। थानेदार भी कहां दबने वाले थे। हाथ में पावर थी लिहाजा कांस्टेबिल को कलम से दबाव बनाकर मजबूर करने लगे।
कभी जीडी में सवाल जवाब ठोंक दिए तो कभी फर्जी गैरहाजिरी लगा डाली। जब बात हद से बढ़ी तो महिला कांस्टेबिल ने थाने में सबके सामने बवंडर खड़ा कर दिया। बात कप्तान तक पहुंची तो सीओ को थाने भेजा गया। बुधवार को रातभर सीओ थाने में डेरा डाले रहे। महिला कांस्टेबिल ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है कि एसओ साहब की नीयत उसके प्रति ठीक नहीं है।
पिछले काफी दिन से उसे वक्त बेवक्त परेशान किया जा रहा है। महिला सिपाही ने अधिकारियों से शिकायत की है कि एसओ रात में उसकी ड्यूटी लगाते हैं। 18 जनवरी को नाइट ड्यूटी लगाने पर उसने एतराज किया तो एसओ ने उसे हिदायत दी कि अभी वर्दी पहनकर रात में ड्यूटी पर पहुंचो। पुरुषों के थाने में नाइट ड्यूटी में महिला कांस्टेबिल ने मजबूरी दर्शायी पर एसओ नहीं माने। उसे परेशान किया।
महिला कांस्टेबिल ने शिकायत की है कि दबाव बनाने के लिए एसओ नेे19 जनवरी को ड्यूटी पर होने के बावजूद उसकी गैरहाजिरी दर्ज कर दी। बुधवार की रात भी एसओ ने सिपाही पर दबाव बनाना चाहा लेकिन बात बिगड़ गई। भड़की महिला कांस्टेबिल ने पूरे थाने के सामने थानेदार की हरकतों का चिट्ठा खोलना शुरू कर दिया। थाने में पूरा स्टाफ जुट गया। एसओ ने सिपाही को मनाने की कोशिशें शुरू कर दीं।
लेकिन महिला सिपाही को अब खामोशी मंजूर नहीं थी। उसने सीओ से लेकर कप्तान तक सभी के फोन खटखटा दिए। सभी अफसरों से एसओ की शिकायत कर दी। मामला गंभीर था लिहाजा कप्तान ने रात में ही सीओ को रवाना कर दिया। बुधवार को पूरी रात थाने में पंचायत चली। तड़के करीब पांच बजे तक कांठ सर्किल के सीओ थाने में मौजूद रहे।