जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के एक्सरे से स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो गई है। एक ओर सामान्य मरीजों का एक्सरे नहीं हो पा रहा है तो दूसरी ओर सफाई कर्मियों के उम्र का सबूत देने के लिए अभी तक ढाई लाख का फिल्म लग चुका है। करीब साढ़े सात सौ सफाई कर्मियों का एक्सरे हो चुका है। जबकि चार महीने पूर्व सफाई कर्मियों के आयु प्रमाण पत्र के लिए एक्सरे हो चुका है।
चौदह अगस्त से जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के आयु प्रमाण पत्र के लिए एक्सरे किया जा रहा है। इसके चलते सामान्य मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। बीमार मरीजों का एक्सरे नहीं हो पा रहा है। वहीं मेडिकोलीगल के केस में भी एक्सरे नहीं हो पा रहा है।
वहीं दूसरी ओर वर्क लोड बढ़ने से एक्सरे मशीन भी फूंकने की स्थिति बन गई है। अभी तक साढ़े सौ सफाईकर्मियों का एक्सरे हो चुका है। करीब 3200 फिल्म बनाए। जबकि एक फिल्म पर करीब अस्सी रुपये का खर्च आता है। अभी तक ढाई लाख रुपये का एक्सरे हो चुका है। सीएमएस डा. अशोक कुमार ने बताया कि अभी तक साढ़े सात सौ सफाई कर्मचारियों का एक्सरे हो चुका है। रोजाना एक्सरे सेंटर में भीड़ लगी रहती है। इससे दूसरे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।