बुखार से तप रहे जिले में हाहाकार मचा हुआ है। इस महीने बुखार के मरीजों में जबरदस्त इजाफा हुआ। यही वजह है कि बाजार में बुखार की दवाओं की खपत बढ़ गई है। बुखार और एंटीबायोटिक दवाओं में तीस फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। पिछले तेइस दिनों में बुखार के मरीज पांच करोड़ से अधिक की दवा खा गए। जबकि अभी इस महीने में सात दिन बाकी है।
मरीजों पर बुखार का चौतरफा हमला हो रहा है। कोई वायरल की चपेट में हैं तो कोई मलेरिया फीवर से पीड़ित है। लोगों को डेंगू के डंक भी लग रहे हैं। वहीं टाइफाइड के केस भी सामने आ रहे हैं। बुखार के इस चौतरफा हमले से दवा बाजार की तपिश बढ़ गई। अचानक बुखार के साथ एंटीबायोटिक दवाओं की खपत बढ़ सी गई है।
दवा विक्रेताओं की माने तो बाजार में बुखार की दवाओं में तीस प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है। केमिस्ट ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट साहित्य प्रकाश रस्तोगी के मुताबिक इस महीने बुखार की दवाओं की खपत बढ़ी है। पिछले तेइस दिनों में मरीज करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक की दवा खा चुके हैं। इसमें बुखार के साथ एंटीबायोटिक दवा भी शामिल है।
हर दिन बंट रही 6000 टैबलेट
मुरादाबाद। बाजार में ही नहीं, बल्कि जिला अस्पताल में भी बुखार की दवाओं की खपत बढ़ी है। अस्पताल के दवा काउंटर पर मरीजों की खासी भीड़ उमड़ रही है। जहां हर दिन करीब छह हजार टैबलेट सिर्फ बुखार की दी जा रही है। इसमें कर तीन हजार टैबलेट पैरासिटामाल के होते हैं और इतने ही टैबलेट एसप्रिन के होते हैं। इसके अलावा बच्चों में दो सौ पैरासिटामाल और दो सौ सिपट्रान का सिपर को दिया जा रहा है।