कांठ। धान खरीद वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कांठ तहसील में संचालित सभी नौ क्रय केंद्रों पर अब तक किसानों से 1.45 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। केंद्रों से धान का उठान कम होने से खरीद में दिक्कत आ रही है। गोदाम भरे होने के कारण केंद्र प्रभारी परेशान हैं।
शासन के निर्देश पर अबकी बार कांठ में स्थित उपमंडी समिति स्थल पर खाद्य विभाग के चार, गांव कुचावली स्थित समिति, फत्तेहपुर विश्नोई समिति, मौहड़ी हजरतपुर समिति, फूलपुर मिठ्ठनपुर समिति और अकबरपुर सिहाली समिति पर एक-एक धान खरीद केंद्र खोला गया था। इन केंद्रों पर एक अक्तूबर से किसानों से धान की खरीद की जा रही है। सोमवार को विपणन निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक उपमंडी समिति के चारों क्रय केंद्रों पर किसानों से 1.2 लाख क्विंटल, मौहड़ी हजरतपुर समिति पर 12800 क्विंटल, कुचावली समिति पर 2300, फत्तेहपुर विश्नोई समिति पर 14630, फूलपुर मिठ्ठनपुर समिति पर 10968 और अकबरपुर समिति पर 2700 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि काफी धान को यहां से उठवाकर मिलरों तक पहुंचा भी दिया गया है, जो धान शेष है और गोदामों में भरा हुआ है, उसे भी जल्द मिलरों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि धान की कुटाई उपरांत चावल में एक प्रतिशत फोर्टिफाइड राइस कनेल (एफआरके) मिलाना अनिवार्य होता है। एफआईके मिलने में दिक्कत हो रही है, जिस कारण धान का उठान नहीं होने की दशा मे खरीद भी प्रभावित हो रही है।
उपमंडी समिति के जर्जर और गिराऊ गोदामों में रखा है धान
कांठ। किसानों से खरीदे जा रहे धान को कांठ नगर की उपमंडी समिति के जर्जर और गिराई गोदामों में रखा हुआ है। इन गोदामों की स्थिति इतनी दयनीय है कि कर्मचारी भी इनमें जाने से कतरा रहे हैं। एक गोदाम तो बिलकुल ही गिराऊ हालत में है। उसकी दीवार भी गिर गई है, जिस कारण गोदाम में बंदर घुसकर धान को बर्वाद कर रहे हैं। वहीं धान के बोरे यहां टीन शेड के नीचे भी रखे हैं। इन्हें भी बंदर बर्वाद कर रहे हैं। इस मामले में विपणन निरीक्षक राघवेंद्र सिंह का कहना है कि गोदाम मंडी समिति विभाग के हैं, वहीं इन्हें दोबारा बनवाने या मरम्मत कराने की जिम्मेदारी भी मंडी समिति विभाग की है। संवाद