मुरादाबाद। कोरोनाकाल में स्कूल बंद होने से माध्यमिक स्कूलों के बच्चों को अब ऑनलाइन पढ़ाई के लिए नेट रिचार्ज, सिग्नल की परेशानी और स्मार्ट फोन के संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। कक्षा नौ और ग्यारहवीं के बच्चे स्वयंप्रभा और 10वीं और 12वीं के बच्चे दूरर्दशन देखकर पढ़ाई कर सकेंगे। सोमवार से शुक्रवार तक कक्षावार पाठ्यक्रम का वीडियो के माध्यम से प्रसारण होगा। इससे शिक्षा में एकरूपता आएगी, ताकि बच्चे आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। प्रसारण नहीं देख पाने वाले बच्चों के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित यू ट्यूब चैनल पर लिंक उपलब्ध होगा।
मार्च माह से स्कूल बंद हैं। जुलाई से शैक्षिक सत्र की शुरुआत से स्कूलों ने ऑनलाइन (जूम एप और व्हाट्सअप) के माध्यम से बच्चों का शिक्षण कार्य शुरू कर दिया है। मुरादाबाद में माध्यमिक स्कूलों में करीब एक लाख 80 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। हर स्कूल और विषय के शिक्षक अपने-अपने हिसाब से नोट्स बनाकर और वीडियो के माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
इसके लिए स्मार्ट फोन और नेट कनेक्टीविटी जरूरी है। कई ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की दिकक्त है तो कई विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। कइयों को नेट रिचार्ज का संकट झेलना पड़ रहा है। इन सबके बाद भी पठन-पाठन में एकरूपता नहीं है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पढ़ाई को आसान बनाने के लिए पाठ्यक्रम में तीस फीसदी कटौती करने के बाद अब स्वयंप्रभा और दूरर्दशन के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई का बेहतर विकल्प दे दिया है। ऑनलाइन के अलावा बच्चे टीवी देखकर पढ़ाई कर सकेंगे। विद्यालयों का संचालन वर्चुअल होगा। इसमें पूर्व निर्धारित समय सारणी से कक्षावार, विषयवार शैक्षणिक वीडियो का प्रसारण ऑनलाइन होगा। प्रोजेक्ट ई ज्ञान गंगा के अंतर्गत कक्षावार, विषयवार लेक्चर, वीडियो के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। कक्षा दस और 12वीं के बच्चों के लिए दूरर्दशन पर अपारह्न एक बजे से दो बजे, ढाई बजे से तीन बजे, अपारह्न साढ़े तीन बजे से पांच बजे और शाम साढ़े पांच बजे से साढ़े छह बजे तक प्रसारण होगा। स्वयंप्रभा चैनल पर कक्षा नौ और ग्यारहवीं के बच्चों के लिए सुबह ग्यारह बजे से अपारह्न एक बजे और अपारह्न चार बजे से साढ़े छह बजे तक प्रसारण होगा।
हर महीने प्रसारित होगा मूल्यांकन प्रश्न पत्र
मुरादाबाद। स्वयंप्रभा और दूरदर्शन पर महीने के आखिर में मूल्यांकन के लिए प्रश्न पत्र प्रसारित किए जाएंगे। विद्यार्थी उनके उत्तर व्हाट्सएप या स्कूल के ड्राप बाक्स में डालेंगे। इसके लिए दोनों विकल्प होंगे। हर स्कूल में ड्राप बाक्स लगाया जाएगा।