मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त यशवंत राव ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि डीपीआर को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित विभागों से इनपुट लिया जाए। योजनाओं से जनता को होने वाले लाभ का आंकलन किया जाए और परियोजना में माइक्रो प्लान के आधार पर समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण प्रगति होनी चाहिए।
कमिश्नरी में आयोजित स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त यशवंत राव ने धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की और निर्देश दिया कि मुरादाबाद का स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए माइक्रो प्लान के आधार पर समयबद्ध ढंग से काम करना जरूरी है। समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त संजय चौहान ने जानकारी दी कि पीएमसी कंपनी का चयन किया जा चुका है। 30 मार्च को कंपनी के साथ अनुबंध हो चुका है और कंपनी द्वारा एबीडी एरिया का टोपोग्राफिक सर्वे भी पूरा कर लिया गया है। कंपनी ने स्मार्ट सिटी परियोजना का रिवाइज्ड प्रोजेक्ट लिस्ट और रिवाइज्ड प्रोजेेक्ट कास्ट प्रस्तुत किया है जिसका अनुमोदन एसपीवी बोर्ड से होना बाकी है। नगर आयुक्त ने बताया कि कंपनी ने स्मार्ट सिटी की 22 परियोजनाओं के लिए 308.18 करोड़ रुपये का डीपीआर पीएमसी प्रस्तुत किया गया है। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि इस डीपीआर को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित विभागों से भी इनपुट लिया जाए। समीक्षा बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।