मजदूरों को बंटने आईं नेताजी की साइकिलें भी घोटालेबाजों की नजरों से बच न सकीं। शनिवार को साइकिल वितरण में प्रति वर्कर 500 रूपये की वसूली के आरोप गूंजे तो रविवार को साइकिल की एक बड़ी खेप भोजपुर में खड़ी मिली। प्राइवेट बिल्डिंग में खड़ी इस खेप की खबर डीएम को पहुंची तो हडकंप मच गया। मौके पर पहुंचकर एसडीएम ने छापा मारा।
श्रम विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में साइकिलें मजदूरों को बंटवाईं गईं। प्रदेश सरकार साइकिल सहायता योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में पंजीकृत मजदूरों को निशुल्क साइकिल बांट रही है। जिले में भी योजना के तहत साइकिल वितरण के लिए आई हैं। शनिवार को देहात विधायक शमीमुल हक के गांव पीपलसाना में 2800 साइकिल वितरित होनी थीं। इसमें दलालों ने 200 से 500 रूपये मजदूरों से वसूल किए।
डीएम स्पष्ट कर चुके हैं कि प्राथमिक जांच में यह आरोप सही पाए गए हैं। दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस प्रकरण में जांच चल ही रही थी कि भोजपुर के ही रहने वाले शमीम के घर में योजना के लिए बंटने आई 16 साइकिलें खड़े होने की शिकायत डीएम को मिली। डीएम ने एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। सूचना से प्रशासन में हडकंप मच गया। श्रम विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जांच की तो शिकायत सही पाई गई।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने संबंधित मजदूरों को साइकिल बांटीं। शमीम ने बताया कि जिन लोगों की यह साइकिल हैं वह दूसरे गांव के हैं। उसके परिचित हैं। कार्यक्रम खत्म होने तक रात हो गई थी। इसलिए यह लोग उसके घर पर साइकिल खड़ी कर गए थे। एसडीएम ने मजदूरों से इस बयान की तसदीक कराकर साइकिल का वितरण कराया।