गजरौला। नगर के आस पास के गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए छह गांवों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। इससे जहां ब्लॉक से छह ग्राम पंचायत कम हो जाएंगी, वहीं पालिका में वार्ड बढ़ जाएंगे।
गजरौला नगर पालिका की आबादी करीब एक लाख है जिसमें 25 वार्ड शामिल हैं। मगर नगर से सटे गांव विकास की रफ्तार में पिछड़ गए हैं। उनको विकास की दौड़ में शामिल करने के लिए नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। उनमें भी नगर की तरह लोगों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नाले बनाए जाएंगे। पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी का कहना है कि उनकी इस संबंध में डीएम व एडीएम से वार्ता हो गई है। अगली बोर्ड की बैठक में गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
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ग्रामीणों को मिलेगा नई परियोजनाओं का लाभ
गजरौला। आस पास के छह गांव नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हो जाने पर उनका विकास होगा। नगरीय मुख्यमंत्री वैश्विक योजना के तहत जो कार्य अब तक नगर में कराए जाते हैं, गांव शामिल होने पर उनमें भी कराए जाएंगे। इस समय पीने के पानी की किल्लत है। कारण अधिकांश गांवों का पानी प्रदूषित हाे चुका है। पालिका में शामिल हो जाने पर गांवों में पालिका पाइप लाइन बिछवाएगी। रोशनी के लिए फैंसी लाइट लगाई जाएंगी। गांवों में बरातघर, पार्क बनाए जाएंगे। इससे कार्यक्रम कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। युवा वर्ग को खेलने, नौकरी की तैयारी करने के लिए मैदान मिलेंगे। पालिका का दायरा बढ़ेगा तो होटल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान शामिल किए जाएंगे। इससे पालिका को अच्छा टैक्स मिलेगा। जिसे जन सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। संवाद
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घटेगी ग्राम पंचायतों की संख्या
गजरौला। ब्लॉक में इस समय 84 ग्राम पंचायत हैं। इसके अलावा इनकेे मझरे शामिल हैं। जब छह ग्राम पंचायताें को नगर पालिका में शामिल कर दिया जाएगा तो ब्लॉक में 78 ग्राम पंचायत रह जाएंगी। छह ग्राम प्रधान कम होने के साथ ही बीडीसी सदस्य भी घटेंगे। संवाद
गांवों को शामिल करने की कवायद जनगणना के बाद ही परवान चढ़ सकती है। संभावना जताई जा रही है कि जनगणना 2027 में शुरू होगी।
- ललित कुमार आर्य, ईओ