प्रदेश में डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित मुरादाबाद है। अब तक जिले में 832 केस मिल चुके हैं, बाकी 74 जिले इस आंकड़े में मुरादाबाद से पीछे हैं। वहीं सोमवार को बुखार से मौत के छह मामले सामने आए हैं। इनमें से तीन लोग कुंदरकी, एक ठाकुरद्वारा व एक मुरादाबाद शहर के निवासी थे।
राहत की बात है कि सोमवार को जिले में डंगू का कोई मरीज नहीं मिला है। सरकारी अस्पताल व निजी पैथोलॉजी से सीएमओ कार्यालय को प्राप्त रिपोर्ट में किसी के डेंगू पॉजीटिव होने की जानकारी नहीं है। इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। डॉक्टरों का मानना है कि तापमान गिरने से डेंगू के मामले भी भी हो जाएंगे। फिलहाल जहां सक्रिय केस हैं, वहां लगातार शिविर लगाकर लोगों को दवा वितरित की जा रही है।
रतनपुर कलां गांव में बुखार के प्रकोप की खबर प्रकाशित होने के बाद सीएम ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कुंदरकी के सीएचसी प्रभार डॉ. अमित सक्सेना को निर्देश दिए कि गांव के पंचायतघर में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का परीक्षण किया जाए। इसके बाद सोमवार को गांव में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया।
इसमें 228 लोगों का चेकअप किया गया, बुखार पीड़ित 114 लोगों की डेंगू व मलेरिया की जांच की गई। इनमें तीन लोग डेंगू पॉजीटिव पाए, जिन्हें सीएचसी भेजकर भर्ती कराया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने गांव पहुंचकर शिविर का निरीक्षण किया।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों को साथ लेकर फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव व सफाई व्यवस्था में सुधार की अपील की गई है। हमारी टीम गावों में लोगों की जांच व दवा वितरित कर रही हैं। सीएचसी पर लगातार लोगों को भर्ती किया जा रहा है। लोग सफाई के प्रति जागरूक रहें और झोलाछाप से दवा न लें। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ