प्रमुख चौराहों पर फव्वारा चलाने के लिए नगर निगम से वार्ता की जाएगी। सोमवार शाम सात बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार रोजगार कार्यालय पर एक्यूआई 229 दर्ज किया गया। यहां पर पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 363 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का अधिकतम स्तर 316 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। पीएम 2.5 मानक से 12 गुना अधिक रहा।
एक्यूआई कम पर पीएम 2.5 तीन सौ से अधिक
बुद्धि विहार का एक्यूआई 185, जिगर कॉलोनी का एक्यूआई 155 और यातायात नगर का एक्यूआई 140 दर्ज किया गया। बुद्धि विहार में पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 310 और जिगर कॉलोनी में 309 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। यातायात नगर में अधिकतम स्तर 258 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा।
एनसीआर के मुकाबले है राहत
शहर के वायु प्रदूषण में एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के मुकाबले राहत है। ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर रहा। वहां पर एक्यूआई 420 दर्ज किया गया। गाजियाबाद का 379, गुरुग्राम का 378, नोएडा 376, मुजफ्फरनगर का 356, मेरठ का एक्यूआई 344 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह बहुत खराब स्थिति है। हालांकि बरेली का एक्यूआई मुरादाबाद से भी कम है। वहां पर शाम सात बजे 134 एक्यूआई दर्ज किया गया।
वायु प्रदूषण से लोगों को थकान, कमजोरी और सांस फूलने की सबसे अधिक समस्या होती है। सीओपीडी व दमा के मरीजों के लिए ज्यादा नुकसानदेह है। प्रदूषण उनके रोग को और बढ़ा देता है। सुबह-शाम घर के अंदर व्यायाम करना चाहिए। बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर ज्यादा न घूमें। नवंबर माह में अस्थमा के मरीजों को अतिरिक्त एहतियात बरतने की आवश्यकता है।- डॉ. नितिन बत्रा, फिजीशियन
दीपावली के समय आतिशबाजी की वजह से वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक है। निर्माण कार्य की वजह से धूल उड़ रही है। हालांकि नगर निगम द्वारा पानी का छिड़काव कर इसे नियंत्रित किया जा रहा है। नगर निगम से शाम के समय चौराहों पर फव्वारे चलवाने के लिए वार्ता की जाएगी। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग