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Air Pollution: दीपावली से छह दिन पहले मुरादाबाद की हवा हुई खराब, दो स्थानों पर AQI दो सौ के पार

Tue, 07 Nov 2023 10:15 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जब आंकड़े जारी किए तो मुरादाबाद शहर की स्थिति सामने आई। रोजगार कार्यालय पर एक्यूआई 229 दर्ज किया गया। यह स्थिति तब है जब दिवाली अभी दूर है। 
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वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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विस्तार
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दीपावली से छह दिन पहले ही महानगर की हवा खराब हो गई है। सोमवार शाम सात बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 182 दर्ज किया गया, जिसमें दो स्थानों पर एक्यूआई दो सौ के पार हो गया। स्थिति यह है कि इन दोनों ही स्थानों पर पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर मानक से 12 गुना अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि वातावरण में नमी और जगह-जगह पटाखे फूटने की वजह से यह स्थिति है।

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प्रमुख चौराहों पर फव्वारा चलाने के लिए नगर निगम से वार्ता की जाएगी।  सोमवार शाम सात बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार रोजगार कार्यालय पर एक्यूआई 229 दर्ज किया गया। यहां पर पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 363 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का अधिकतम स्तर 316 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। पीएम 2.5 मानक से 12 गुना अधिक रहा।


कांशीराम नगर में एक्यूआई 201 रहा। पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 343 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का अधिकतम स्तर 213 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यहां भी पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर मानक से 11 गुना अधिक रहा। विशेषज्ञों के अनुसार मानक के हिसाब से पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 30 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर होना चाहिए।

एक्यूआई कम पर पीएम 2.5 तीन सौ से अधिक

बुद्धि विहार का एक्यूआई 185, जिगर कॉलोनी का एक्यूआई 155 और यातायात नगर का एक्यूआई 140 दर्ज किया गया। बुद्धि विहार में पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 310 और जिगर कॉलोनी में 309 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। यातायात नगर में अधिकतम स्तर 258 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा।

एनसीआर के मुकाबले है राहत

शहर के वायु प्रदूषण में एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के मुकाबले राहत है। ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर रहा। वहां पर एक्यूआई 420 दर्ज किया गया। गाजियाबाद का 379, गुरुग्राम का 378, नोएडा 376, मुजफ्फरनगर का 356, मेरठ का एक्यूआई 344 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह बहुत खराब स्थिति है। हालांकि बरेली का एक्यूआई मुरादाबाद से भी कम है। वहां पर शाम सात बजे 134 एक्यूआई दर्ज किया गया।

ये बरतें सावधानी

  • जब तक आवश्यक न हो, सांस रोगी सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचें
  • घर के बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करें
  • आंखों में जलन से बचने के लिए चश्मा लगाएं
  • समय-समय अपने हाथों और चेहरे को साफ पानी से धोएं
  • जिन लोगों को अस्थमा की समस्या है, वे अपने चिकित्सक के संपर्क में रहें
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वायु प्रदूषण से लोगों को थकान, कमजोरी और सांस फूलने की सबसे अधिक समस्या होती है। सीओपीडी व दमा के मरीजों के लिए ज्यादा नुकसानदेह है। प्रदूषण उनके रोग को और बढ़ा देता है। सुबह-शाम घर के अंदर व्यायाम करना चाहिए। बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर ज्यादा न घूमें। नवंबर माह में अस्थमा के मरीजों को अतिरिक्त एहतियात बरतने की आवश्यकता है।-  डॉ. नितिन बत्रा, फिजीशियन

दीपावली के समय आतिशबाजी की वजह से वायु गुणवत्ता सूचकांक अधिक है। निर्माण कार्य की वजह से धूल उड़ रही है। हालांकि नगर निगम द्वारा पानी का छिड़काव कर इसे नियंत्रित किया जा रहा है। नगर निगम से शाम के समय चौराहों पर फव्वारे चलवाने के लिए वार्ता की जाएगी। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग
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