मुरादाबाद। राज्य कर अधिकारियों की जांच में आया है कि उत्तराखंड के जसपुर में बैठकर एहतेशाम लकड़ी कारोबार में जीएसटी चोरी का खेल करता है। इस मामले में एहतेशाम के साथ फईम के खिलाफ अन्य ठोस साक्ष्य मिले हैं। इसी कारण जीएसटी चोरी का बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
ठाकुरद्वारा के लकड़ी कारोबारी एहतेशाम की बोगस फर्मो के जरिए करोड़ों के कारोबार की परतें खुलती जा रही हैं। राज्य कर विभाग ने अभी तक उसकी चार गाड़ियां पकड़ी है। इस मामले में उसके खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज कराईं गई हैं। अभी तक मास्टर माइंड एहतेशाम की 34 बोगस फर्में पकड़ी जा चुकी हैं। एहतेशाम में सीतापुर से जारा ट्रेडर्स के नाम पर एक मोबाइल नंबर से 12 फर्में पंजीकृत कराई थी। इसी प्रकार उसके साथी फईम ने ठाकुरद्वारा में बोगस फर्मों का पंजीकरण कराया। सिविल लाइंस थाने में जारा ट्रेडर्स के मालिक पिलकपुर गुमानी ठाकुरद्वारा निवासी एहतेशाम सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसी प्रकार बिजनौर जिले के नूरपुर थाने में भी दो प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। राज्य कर के अपर आयुक्त आरए सेठ ने बताया कि एहतेशाम उधमसिंह नगर जिले के जसपुर में बैठकर लकड़ी कारोबार में जीएसटी चोरी का खेल खेलता है। गिरोह में शामिल लोग हरियाणा में लकड़ी की सप्लाई कर चुके हैं। इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए विभाग को कई साक्ष्य मिले हैं। अभी एहतेशाम और फईम से जुड़ी अन्य फर्मों की जांच चल रही है। एहतेशाम का 150 करोड़ का टर्नओवर प्रकाश में आ चुका है। उसके आईटीसी रिवर्स कराने का प्रयास किया जाएगा। इसी गिरोह ने ठाकुरद्वारा के एक रिक्शा चालक के नाम पर भी फर्म का पंजीकरण कराया था।