मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की स्थिति और उपचार के प्रयासों का जायजा लेने शनिवार को मुरादाबाद आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड कमांड सेंटर के मुआयने और अफसरों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ग्राम मनोहरपुर जाकर होम आइसोलेट कोरोना संक्रमित का हाल भी जाना।
जिला मुख्यालय से करीब सात किमी दूर स्थित मनोहरपुर गांव में दोपहर करीब 1:45 बजे सीएम का काफिला पहुंचा। गांव में पहले से ही सरकारी हलचल बढ़ जाने के कारण कोरोना पीड़ित ग्रामीण सुंदर सिंह मास्क लगाए अपने दरवाजे पर ही खड़े थे। नाम जानने के बाद सीएम ने हाल पूछा। फिर सवाल किया, घर में और कौन-कौन कोरोना पॉजिटिव है, सरकारी अस्पताल से दवा मिली या नहीं। सुंदर सिंह ने अपने अलावा बेटा अमित भी कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी। सुंदर ने बताया कि सरकारी अस्पताल से दवाएं घर पहुंचवाई गई हैं।
इसके बाद सीएम ने घर में शौचालय की सुविधा के बारे में पूछा। सुंदर ने एक शौचालय होने की जानकारी दी तो सीएम ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव का तो अलग शौचालय होना चाहिए। सीएम की यह बात सुनते ही सुंदर सिंह ने हाथ जोड़कर कहा, साहब मजदूरी करने वाला गरीब आदमी हूं, दूसरा शौचालय सरकारी मदद से बनवा दीजिए। इस पर सीएम ने वहां मौजूद अधिकारियों से इस संबंध में व्यवस्था करने को कहा।
निर्धारित दूरी का पालन करते हुए हाथ जोड़कर अभिवादन करने वाले ग्राम प्रधान के अभिवादन का इशारे में जवाब देने के बाद सीएम ने वापस मुरादाबाद का रुख किया। सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने बाद वह हेलिकॉप्टर से बरेली रवाना हो गए।
आनन-फानन हुई गांव में सफाई
सीएम के लखनऊ से जारी हुए कार्यक्रम में किसी गांव या संक्रमित के घर जाने की योजना का ब्योरा नहीं था। लिहाजा सारी सरकारी मशीनरी उनके दौरे से जुड़े स्थानों को ही चमकाने में लगी रही। शनिवार को जब कमिश्नर सभागार में बैठक के बाद उनके मनोहरपुर जाने के संकेत मिले तो उनके पहुंचने से पहले सरकारी टीमें वहां पहुंच गईं। आनन-फानन नालियों और गलियों की सफाई कराई गई। जगह-जगह चूने का छिड़काव भी कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सुंदर सिंह व उनके बेटे समेत तीन घरों में चार लोग कोरोना संक्रमित हैं।
हूटरों की गूंज और फोर्स की गाड़ियां देख सहमे ग्रामीण
सीएम का मनोहरपुर गांव का दौरा बनते ही सफाई को लेकर आई तेजी का मतलब सारे ग्रामीण समझ पाते कि इससे पहले सीएम की गाड़ी से आगे चलने वाले फोर्स के वाहन गांव पहुंच गए। हूटरों की आवाज और फोर्स की सक्रियता से कुछ ग्रामीण चौंक गए तो कुछ सहम गए। हालांकि जल्द ही उन्हें स्थिति स्पष्ट हो गई। कुछ ने सीएम के करीब तक जाने की कोशिश की लेकिन फोर्स ने समझाकर वहीं रोक दिया।