मुरादाबाद। मुरादाबाद जिला अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों की लापरवाही के शिकार हुए नगर निगम के कर्मचारी श्रीकेश आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। 104 घंटे संघर्ष करने के बाद मेरठ के मेडिकल कॉलेज में मंगलवार शाम 6.30 बजे उनकी सांसों की डोर टूट गई।
संभल जनपद के हजरत नगर गढ़ी थानाक्षेत्र के पोटा बराही गांव निवासी श्रीकेश गौतम (32) नगर निगम में लैंप लाइटर के पद कार्यरत थे। वह अपनी पत्नी रानी के साथ लाइन पार में किराये के मकान में रहते थे। बृहस्पतिवार की रात करीब 9.30 बजे श्रीकेश डेयरी से दूध खरीदने जा रहे थे। इसी दौरान बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन घायल श्रीकेश को निजी अस्पताल में दिखाने के बाद जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां इमरजेंसी में तैनात डॉ. मनोज यादव ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बृहस्पतिवार की देर रात करीब 2.30 बजे उनके शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे दरोगा परिजनों को साथ लेकर मोर्चरी पहुंचे। पुलिस ने यहां पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू ही की थी कि देखा कि घायल जीवित है। इसके बाद श्रीकेश को दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद घायल को मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया था। 104 घंटे श्रीकेश ने जिंदगी के लिए संघर्ष किया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी थी। मंगलवार शाम करीब 6.30 बजे उपचार के दौरान श्रीकेश की मौत हो गई। श्रीकेश के भाई सत्यानंद गौतम ने मौत होने की पुष्टि की है।