कांठ। गांव रसूलपुर गुर्जर में चल रही सात दिवसीय श्री जाम्भाणी हरिकथा का शुक्रवार विधिविधान से समापन किया गया। अंतिम दिन संतों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए महायज्ञ कराया। जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
शुक्रवार की सुबह कथा स्थल संतों के मंत्रों से गुंजायमान हो उठा। यहां श्री बिश्नोई आश्रम भीमगोडा हरिद्वार के महंत संत स्वामी प्रणवानंद महाराज, कथावाचक आचार्य गोविंदशरणानंद महाराज व समराथल धोरा के महंत स्वामी रामकृष्ण महाराज आदि संतों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर महायज्ञ कराया।
महंत संत स्वामी प्रणवानंद जी महाराज ने कहा कि श्री जाम्भाणी हरिकथा के बाद यज्ञ का बड़ा महत्व है। सात दिवसीय अनुष्ठान के पूर्ण होने पर यज्ञ किया जाता है, ताकि वातावरण शुद्धि के साथ ही नई ऊर्जा का संचार हो सके। उन्होंने नित्य प्रतिदिन अपने घरों में भी यज्ञ करने पर जोर दिया। यहां आरती के बाद विशाल भंडारा कराया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
यज्ञ के अंत में महंत संत स्वामी प्रणवानंद महाराज, कथावाचक आचार्य गोविंदशरणानंद महाराज, समराथल धोरा के महंत स्वामी रामकृष्ण महाराज, आचार्य विश्वात्मानंद महाराज, स्वामी विष्णुदास महाराज, स्वामी जगदेवानंद महाराज, स्वामी जगदेवानंद महाराज, स्वामी नरेशानंद, योगानंद महाराज, महंत चमन ऋषि महाराज, स्वामी सर्वानंद महाराज, संत राजूराम महाराज, राजेश्वरानंद महाराज आदि संतों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम आयोजक सहकारी गन्ना विकास समिति कांठ के डायरेक्टर राहुल बिश्नोई और आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुंवर सुरेंद्र सिंह बिश्नोई, खेत सिंह, राजन बिश्नोई, चौधरी हुक्म सिंह, सुमित दिवाकर, पुष्पेंद्र चौधरी, आचार्य भावेश शर्मा, राजवीर सिंह, रूपेश, रामनाथ सिंह, सुनील कुमार, रविंद्र कुमार, अनिल कुमार, राजवीर सिंह बिश्नोई, राजकुमार सेवक, हरदीप सिंह बिश्नोई, मोनू बिश्नोई बजरंगी, श्रीओम सिंह बिश्नोई, प्रेमराज सिंह, जयकुमार व ओमकार सिंह आदि मौजूद रहे।
फोटो सं. 09, 10, 11
श्री मान डेस्क प्रभारी जी, आज इस खबर में दो फोटो को स्थान देने की कृपा करें। क्योंकि आज अंतिम दिन था।