जामा मस्जिद चौराहे पर मंगलवार को बाद नमाज-ए-जोहर यूपी बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी की जानिब से जलसा का आयोजन किया गया। जलसे में विवादित ढांचा गिराए जाने की निंदा की गई। साथ ही काला झंडा दिखाकर विरोध जताया गया। आखिर में राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।
जलसे में वक्ताओं ने छह दिसंबर की घटना की निंदा करते हुए कहा कि अभी भी लोग इसे मामले को लेकर राजनीति रोटियां सेंक रहे हैं। इस दौरान पूर्व मेयर डा. एसटी हसन, मुफ्ती मो. अयूब खां नईमी, शिया इमाम मुजफ्फर सुल्तान तोराबी, कमेटी के संयोजक सलीम बाबरी, सैयद जुनैद अली, शुएब हसन खां पाशा, मलिक मो. उमर, सलीम वारसी, निजाम हुसैन पम्मा आदि मौजूद रहे।
वहीं राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल और लोकतंत्र बचाओ मोर्चा ने भी प्रशासन को ज्ञापन देकर छह दिसंबर की घटना की निंदा की। इस दौरान उमर फारुख, मो. साजद, सरफराज हुसैन, नदीम, मो. सारिक, गुफरान, हाजी मो. इकबाल, वचन सिंह, ओमकार सिंह, महावीर प्रसाद मौर्य, उमर, नरेश आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने प्रदर्शन कर विवादित ढांचा गिराए जाने की निंदा की। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कौसर हयात खां, इशरत हुसैन, जमाल आलम, मोे. इसरार, मो. गालिब, सिब्तेनबी अशरफी आदि मौजूद रहे।