कुंदरकी। शिया जामा मस्जिद में शुक्रवार को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई को याद में किया गया। इस दाैरान शिया समुदाय ने पश्चिम एशिया में जारी हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस मौके पर शिया जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना आफाक आलम जैदी ने ईरान और फिलिस्तीन से जुड़े हालात पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया को ज़ुल्म के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
मौलाना नय्यर रज़ा नकवी ने कहा कि हम बैतुल मुकद्दस पर इस्राइल के जबरन कब्जे और वहां हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। वहां जो अत्याचार हो रहा है, उसे अमेरिका का खुला समर्थन मिल रहा है। मौलाना ने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते ऐतिहासिक और दोस्ताना रहे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यापारिक संबंध सदियों पुराने हैं। उन्होंने कहा ईरान ने हमेशा भारत के साथ दोस्ती और सहयोग का रिश्ता निभाया है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने भारत को अपने तेल के जहाज़ लाने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के जिम्मेदार देशों को आगे आकर युद्ध और हिंसा को रोकने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दुनिया में शांति कायम करनी है तो ताकतवर देशों को अपनी नीतियों में न्याय और इंसाफ को प्राथमिकता देनी होगी।