रामपुर के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया जनपद न्यायालय में चल रही है। जिला न्यायाधीश ने सोमवार को देश में रह रहे सभी पक्षकारों को बुलाया था, जिसके बाद अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां आज सबसे पहले जिला न्यायालय पहुंचे।
पूर्व मंत्री के साथ उनके अधिवक्ता संदीप सक्सेना, आरिफ खां समेत पूरी लीगल टीम थी। रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खां की चल और अचल संपत्ति की कुल कीमत 26.50 अरब रुपये से अधिक आंकी गई है। रामपुर रियासत के विलय के वक्त रजा अली खां ने अपने पास पांच अचल संपत्तियां कोठी खासबाग, कोठी शाहबाद, कोठी बेनजीर, नवाब का रेलवे स्टेशन और कुंडा रख ली थी।
चल संपत्ति में नवाब के पास कारों, हथियारों, पेटिंग्स और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं थीं। उनकी संपत्ति के विभाजन को लेकर वारिसों के बीच विवाद था, जो निचली अदालत से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कई दशकों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवाब रजा अली खां को रामपुर रियासत का आखिरी नवाब मानते हुए शरीयत कानून के मुताबिक उनकी संपत्ति का विभाजन उनके वारिसों के बीच करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को पूरा कराने की जिम्मेदारी जिला जज की कोर्ट को सौंपी थी। कोर्ट के आदेश पर नवाब की चल और अचल संपत्ति का मूल्यांकन कराया गया। चल संपत्ति के मूल्यांकन की रिपोर्ट पहले ही दाखिल कर दी गई थी, जो लगभग 64.50 करोड़ रुपये थी। नवाब की पांचों अचल संपतियों का मूल्यांकन भी कराया जा चुका है।
कोर्ट में दाखिल की गई रिपोर्ट के मुताबिक इसकी कीमत लगभग 26 अरब रुपये है। जमीन की कीमत सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित की गई है। बाजार मूल्य के हिसाब से इसकी कीमत और अधिक हो सकती है। नवाब की अचल संपत्ति में शामिल कोठी खासबाग की कीमत सबसे अधिक लगभग 14.35 अरब रुपये लगाई है। नवाब की कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 26.50 अरब रुपये अधिक है।