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कोरोना की छह घंटे की जांच रिपोर्ट के लिए सात दिन का इंतजार

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मुरादाबाद। जिला अस्पताल में दो करोड़ की लागत से तैयार आरटीपीसीआर लैब सैंपल जांच के ट्रायल से आगे नहीं बढ़ पा रही है। मुरादाबाद के आरटीपीसीआर के सैंपलों को ग्रेटर नोएडा स्थित जीआईएमएस भेजा जा रहा है। इससे छह घंटे में मिलने वाली सैंपल रिपोर्ट के लिए सात दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। सैंपल देने वाले आशंकित और उनके परिवार के लोग मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा से 21 से 24 जुलाई के सैंपलों की मंगलवार को रिपोर्ट आई है, लेकिन 25 जुलाई के बाद के सैकड़ों सैंपल की जांच रिपोर्ट लटकी है।
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मुरादाबाद में संक्रमण बढ़ने के साथ जांच की सुविधा और टेस्टिंग बढ़ाई गई है। औसतन प्रतिदिन पांच से सात सौ आशंकितों के आरटीपीसीआर के लिए सैंपल भेजे जा रहे हैं। शुरुआत में सैंपल अलीगढ़ जा रहे थे। वहां सैंपलों का दबाव अधिक होने पर कुछ दिन बरेली भेजे गए। बरेली से केजीएमयू लखनऊ जा रहे थे। केजीएमयू से दूसरे दिन सैंपल रिपोर्ट जारी हो रही थी। केजीएमयू के भी हाथ खड़े करने पर सैंपलों को ग्रेटर नोएडा जीआईएमएस भेजा जा रहा है। मुरादाबाद जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब खोली गई है। लैब में मैनुअल सैंपल जांच मशीन मिली है। मशीन की क्षमता 96 सैंपलों के जांच की है और रिपोर्ट मात्र छह घंटे में मिल सकती है। लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। इससे सैंपलिंग ट्रायल से आगे नहीं बढ़ पा रही है। लैब के संचालन के लिए एक साइंटिस्ट की तैनाती भी हो चुकी है। साइंटिस्ट लैब में सैंपलों के जांच ट्रायल के बाद दो दिन की छुट्टी पर चले गए हैं। सैंपल ग्रेटर नोएडा जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा से जांच रिपोर्ट आने में कई दिन लग रहे हैं। सैंपल देने वाले आशंकित सीएमओ कार्यालय फोन कर जांच रिपोर्ट की पूछताछ कर रहे हैं। कार्यालय से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि मंगलवार को मंडलीय समीक्षा बैठक में आरटीपीसीआर के सैंपल रिपोर्ट देरी से आने का मुद्दा उठाया गया। सीएमओ ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्सा सचिव अमित कुमार मोहन की ओर से जिला अस्पताल में मशीन की क्षमता के अनुसार सैंपल जांच कराने और आशंकित लोगों के एंटीजन टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए। एंटीजन किट के लिए एडवांस में तीन दिन पहले डिमांड करने के निर्देश दिए, ताकि समय पर किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सके।
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- जिला अस्पताल की आरटीपीसीआर लैब से नौ सैंपलों की जांच हो चुकी है। इसमें एक सैंपल पॉजिटिव आ चुका है। लैब में स्टाफ की मांग की जाएगी तो बढ़ाया जाएगा।
- वीरेंद्र सिंह, कमिश्नर।
- लैब की मशीन की क्षमता 96 सैंपल जांचने की है। लैब में टेस्टिंग का ट्रायल सफल हो चुका है। स्टाफ और माइक्रोबायोलॉजिस्ट के बाद अब साइंटिस्ट की तैनाती हो गई है। 31 जुलाई से प्रतिदिन 96 सैंपल टेस्ट किए जाएंगे।
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- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
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