मुरादाबाद। कोरोना से जंग जीतकर ये विजेता तो बने ही थे पर अब वास्तव में दूसरों को जीवन देने की कवायद कर प्रेरणा भी बन गए । मंगलवार को ट्रेनी आईपीएस और कटघर के युवक ने टीएमयू पहुंचकर प्लाज्मा डोनेट किया। दोनों का ब्लड गुप भी पॉजिटिव है। डोनरों की पॉजिटिव सोच से दो यूनिट प्लाज्मा डोनेट हुआ और इससे चार गंभीर मरीजों को जीवनदान मिल सकेगा। कोरोना के गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए अमर उजाला की मुहिम रंग लाई और आखिरकार प्लाज्मा डोनर मिलने शुरू हो ही गए।
टीएमयू में कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सप्ताह भर पहले प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा शुरू हो गई। लेकिन प्लाज्मा डोनर नहीं मिलने से थैरेपी शुरू नहीं सकी। अमर उजाला ने कोरोना को हराकर जंग जीतने वालों से प्लाज्मा डोनेट करने का आह्वान किया। मंगलवार को 25 वर्षीय ट्रेनी आईपीएस गौरव त्यागी देवदूत बनकर टीएमयू पहुंचे। गौरव त्यागी का ए पॉजिटिव ब्लड ग्रुप है और स्वेच्छा से प्लाज्मा डोनेट किया। कटघर के चिम्मन हजारी मोहल्ला निवासी सतीश कुमार ने भी टीएमयू पहुंचकर स्वैच्छिक प्लाज्मा डोनेट किया। सतीश का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है। प्लाज्मा डोनेट करने में 45 मिनट का समय लगा। दोनों ही डोनर कोरोना संक्रमित होने के बाद टीएमयू में भर्ती रह चुके हैं। लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आने पर उनको डिस्चार्ज किया गया। प्लाज्मा डोनेट करने पर टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन और वाइस चेयरमैन मनीष जैन ने डोनरों का आभार जताया। स्टाफ ने फूलों की बारिश और तालियों की गड़गड़ाहट से उनको अस्पताल से विदा किया।
- कोविद-19 की बीमारी से उभरने वालों को गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा डोनेट करने के लिए आगे आने की जरूरत है। उनके एक यूनिट प्लाज्मा से दो गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। किसी की जान बचाने से बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं है। - सुरेश जैन, कुलाधिपति, टीएमयू
- टीएमयू के लिए मंगलवार का दिन बड़ी जीत के समान है। दो यूनिट प्लाज्मा डोनेट हुआ। संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए आगे आना चाहिए। - डा. नजमुल हुदा, नोडल अधिकारी टीएमयू
- एक स्वस्थ व्यक्ति से एक समय में 500 एमएल और एक माह में 1000 एमएल तक प्लाज्मा लिया जा सकता हैं। प्लाज्मा डोनेट करने से शरीर में कोई नुकसान नहीं होता है। कोई कमजोरी नहीं आती है। - डा. सीमा अवस्थी, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष टीएमयू
प्लाज्मा डोनेट के लिए दूसरों को भी प्रेरित करूंगा: सतीश
मुरादाबाद। प्लाज्मा डोनेट करने के बाद सतीश काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाने के लिए उनका प्लाज्मा काम आएगा, इसकी खुशी है। सतीश ने कहा कि वह दूसरे लोगों को भी प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित करेगा।
पीपीई किट के अंदर नि:स्वार्थ भाव से पसीना बहाते हैं डाक्टर: गौरव
मुरादाबाद। हिमगिरी कालोनी निवासी गौरव त्यागी 2019 बैच के आईपीएस हैं। 28 जून को गौरव त्यागी की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। गौरव हैदराबाद में ट्रेनिंग कर रहे हैं और दिल्ली से लौटते वक्त संक्रमण की चपेट में आए थे। इसके बाद टीएमयू में भर्ती रहे। गौरव त्यागी ने बताया कि अस्पताल में डाक्टरों को बहुत करीब से संक्रमितों की सेवा करते देखा। पीपीई किट के अंदर पसीने में खुद की परवाह किए बगैर मरीजों का इलाज किया। डाक्टर, स्टाफ नर्सों के प्रयासों से वह ठीक हुआ। गौरव ने कहा कि प्लाज्मा डोनेट करना ब्लड डोनेट करना जैसा है। जो लोग संक्रमण से मुक्त हो गए हैं उन्हें गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए आगे आने की जरूरत है। जो कोरोना से जीत गए हैं जरूरी है कि वे दूसरों को भी जिताएं। प्लाज्मा दें ताकि इसका दूसरों को भी लाभ हो सके।