मुरादाबाद। राज्य कर विभाग ने लकड़ी से लदे दो ट्रकों को पकड़ने के बाद सात बोगस फर्मों द्वारा की जा रही जीएसटी चोरी पकड़ी है। जांच में आया है कि फर्जी ई वे बिल जारी कर इस गिरोह ने करीब सौ करोड़ का टर्नओवर कर 20 करोड़ की जीएसटी चोरी की है।
राज्य कर के अपर आयुक्त अशोक कुमार सिंह के निर्देश पर मोबाइल दस्ते ने रामपुर जिले में हाईवे पर लकड़ी से लदे दो ट्रकों को कुछ दिन पहले पकड़ लिया था। चालकों से मिले फर्जी वे बिल की जांच में आया है कि सीतापुर जिले की भारत इंटरप्राइजेज, जारा रोलेक्स, हरदोई की जोगेश्वर एवं चौधरी ट्रेडर्स सहित सात बोगस फर्में लकड़ी का कारोबार कर रही हैं। इन फर्मों के लिए पांच बैंकों में खाते खोले गए हैं। राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेज -2 आरए सेठ ने बताया कि जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह ने सात फर्मों के माध्यम से करीब 100 करोड़ के माल का टर्नओवर किया है। यह गिरोह सीतापुर से हरियाणा लकड़ी सप्लाई करता है। जीएसटी चोरी करने के लिए गिरोह फर्जी ई वे बिल का इस्तेमाल कर रहा है। जांच में आया है कि लखनऊ से कैफ और रियासत ने एक माह में एक एक करोड़ रुपये निकाले हैं। अभी जांच चल रही है। जांच में कई मोबाइल नंबर राज्य कर अधिकारियों के हाथ लगे हैं। सारा विवरण इकट्ठा करने के बाद राज्य कर अधिकारी प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
काशीपुर उत्तराखंड से जुड़े हैं जीएसटी चोरी के तार
राज्य कर अधिकारियों की जांच में आया है कि उत्तराखंड के जसपुर एवं काशीपुर में बैठकर एहतेशाम लकड़ी कारोबार में जीएसटी चोरी का खेल करता है। इस खेल में हरदोई के चौधरी ट्रेडर्स के मालिक का नाम जुड़ गया है। अभी तक एहतेशाम के साथ फईम जुड़ा हुआ था। ठाकुरद्वारा का लकड़ी कारोबारी एहतेशाम बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों का कारोबार कर चुका है। जांच में गिरोह की परतें खुलती जा रही हैं। इसके पहले राज्य कर विभाग ने एहतेशाम गिरोह से जुड़ी चार गाड़ियां पकड़ीं थीं। इस मामले में उसके खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज कराईं गईं थीं। अभी तक मास्टर माइंड एहतेशाम की 34 बोगस फर्में पकड़ी जा चुकी हैं। एहतेशाम ने सीतापुर से जारा ट्रेडर्स के नाम पर एक मोबाइल नंबर से 12 फर्में पंजीकृत कराईं थीं। इसी प्रकार उसके साथी फईम ने ठाकुरद्वारा में बोगस फर्मों का पंजीकरण कराया था। सिविल लाइंस थाने में जारा ट्रेडर्स के मालिक पिलकपुर गुमानी ठाकुरद्वारा निवासी एहतेशाम सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी पहले से दर्ज है। इसी प्रकार बिजनौर जिले के नूरपुर थाने में भी एहतेशाम के खिलाफ राज्य कर अधिकारी ने दो प्राथमिकी दर्ज कराई थीं। गिरोह में शामिल लोग काफी मात्रा में सीतापुर से लेकर हरियाणा तक लकड़ी की सप्लाई कर चुके हैं। एहतेशाम का 150 करोड़ का टर्नओवर पहले ही प्रकाश में आ चुका है। विभाग आरोपी की आईटीसी रिवर्स कराने का प्रयास कर रहा है। इसी गिरोह ने एक रिक्शा चालक के नाम पर फर्म का फर्जी ढंग से पंजीकरण कराकर पांच करोड़ का माल सप्लाई किया था। जांच में आया है कि दोनों ने लकड़ी का माल भेजने के लिए फर्जी ई वे बिल का इस्तेमाल किया है