काली मंदिर में लोगों की शिकायत सुनते जूना अखाड़ा के महंत।
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लालबाग स्थित काली मंदिर के महंत को लेकर मामला इतना बढ़ गया है कि मंदिर के करीब एक हजार सेवादारों ने नवरात्र में सेवा करने से इंकार कर दिया है। काली मंदिर के महंत सज्जन गिरी पर गंभीर आरोप लगने के बाद मामले को सुलझाने आए जूना अखाड़ा के पूर्व सभापति गिरिजादत्त गिरि द्वारा आरोपित महंत को फिर से महंत बना दिए जाने की चर्चा से सेवादारों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
वहीं जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय मंत्री व दुधेश्वर नाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि ने भी वर्तमान महंत को माफी दिए जाने पर अपनी नाराजगी जताते हुए सेवादारों और जनता का साथ देते हुए जूना अखाड़े के बड़े महंताें की अगुआई में नए महंत को गद्दी सौंपने की बात कही है।
महंत की गद्दी संभालने के बाद से ही विवादों में रहे काली मंदिर के महंत सज्जन गिरी को करीब एक हजार सेवादारों और स्थानीय लोगों ने नकार दिया है। बुधवार की रात हुई बैठक के अनुसार महंत सज्जन गिरी से गद्दी छीनी जानी थी।
रात को हुई बैठक में पहुंचे जूना अखाड़ा के पूर्व सभापति गिरजा दत्त गिरी महाराज ने लोगों को आश्वासन दिया था कि गुरुवार को महंत सज्जन गिरी के लखनऊ से आने के बाद उनसे बात की जाएगी और सर्वसम्मत से इस मामले में निर्णय लिया जाएगा।
रात की बैठक में जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय मंत्री व दुधेश्वर नाथ मंदिर गाजियाबाद के महंत नारायण गिरी भी मौजूद थे। बैठक के बाद महंत रात को ही गाजियाबाद के लिए चले गए। लेकिन जब वह गुरुवार के दिन जब लालबाग काली मंदिर पहुंचे तो उन्हें भनक लगी की पूर्व सभापति ने विवादित महंत को फिर से महंत की गद्दी सौंप दी है।
इससे नाराज वह कुछ ही समय बाद गाजियाबाद लौट गए। उन्होंने बताया कि सज्जन गिरी पर इतने आरोप हैं कि उन्हें महंत के तौर उर मान्यता नहीं दी जा सकती। वहीं गुरुवार की शाम को गुपचुप तरीके से पूर्व सभापति गिरजा दत्त गिरी ने दस रुपये के बांड पेपर पर महंत सज्जन गिरी को माफी देते हुए उन्हें फिर से महंत बना दिया।
इससे सेवादारों में जबरदस्त आक्रोश है। निस्वार्थ भाव से सालों से मंदिर की सेवा कर रहे सेवादारों ने बताया कि जब तक वर्तमान महंत को गद्दी से नहीं हटाया जाता वह सेवा का बहिष्कार करेंगे और इसका सीधा असर नवरात्र पर लगने वाले भव्य मेले पर पड़ेेगा। मेले में रोजाना नवरात्र के दौरान हजारों श्रद्धालु आते हैं।