पीडब्ल्यूडी के एक रिटायर्ड इंजीनियर को उन्हीं के नौकर ने अपने दो साथियों
संग मिलकर नृशंसता से मार डाला। गुरुवार को आधी रात उनकी लाश अगवानपुर से
आगे छजलैट थाना क्षेत्र के जंगल में पड़ी मिली। पुलिस ने नौकर और हत्या में
शामिल उसके होटल संचालक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि हत्या में
शामिल तीसरा युवक फरार है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जिगर कालोनी
शंकर विहार निवासी पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त इंजीनियर वीरेंद्र कुमार
गुप्ता (65) पिछले पांच सालों से ब्याज पर रकम देने का काम करते थे। अपने
फार्म हाउस पर काम करने वाले नौकर रामअवतार को भी उन्होंने मोटी रकम ब्याज
पर दी थी। रकम नहीं चुकाने पर वीके गुप्ता ने उसे नौकरी से हटा दिया था।
गुरुवार दोपहर एक फोन आने के बाद वह रामअवतार से रकम लेने घरेलू नौकर अरुण
के साथ स्कूटी से निकले थे। लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। देर रात छानबीन
में पुलिस को पता चला कि उनकी हत्या करके लाश छजलैट के जंगल में फेंक दी गई
है। एसपी सिटी डा. राम सुरेश यादव ने देर रात बताया लापता रिटायर्ड
इंजीनियर वीके गुप्ता की हत्या हाल ही में नौकरी से हटाए गए उनके नौकर
रामअवतार, कचहरी रोड पर छोटा सा होटल चलाने वाले घनश्याम और अगवानपुर दूध
फैक्ट्री के गार्ड विनोद ने मिलकर की है। पुलिस ने घनश्याम और विनोद को
पकड़ लिया है। तीनों पर इंजीनियर का कर्ज था।