मुरादाबाद। सिविल लाइंस के चार साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने मुलजिम को करार देते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा के साथ-साथ उस पर 42 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सिविल लाइन के थानाक्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने 18 अगस्त 2017 को केस दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि क्षेत्र का ही रहने वाला बिट्टू ने कुछ समय पहले महिला की सोलह वर्षीय नाबालिग बेटी के फोटो खींच लिए थे। जिसे इंटरनेट पर डालने की धमकी दे कर उसका शारीरिक शोषण किया था। पीड़ित गुमसुम सी रहने लगी थी। पूछताछ करने पर किशोरी ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी थी। उक्त मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट संख्या 2 पूनम सिंघल की अदालत में की गई। जिसमें बचाव पक्ष का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है। क्षेत्र की रंजिश के चलते मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह व विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खान ने अदालत में पक्ष प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने अदालत को बताया कि किस तरह से आरोपी ने ब्लैकमेल करके पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद गवाही के आधार पर आरोपी को दुष्कर्म की घटना का दोषी करार देते हुए उसे सात साल के कठोर कारावास के साथ-साथ उस पर 42 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसमें से तीस हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिए जाएंगे।