मुरादाबाद। राज्य कर विभाग के अधिकारी करोड़ों की जीएसटी चोरी के मास्टर माइंड रियासत की तलाश कर रहे हैं। जांच में आया है कि एक ही मोबाइल नंबर से दो फर्मों का पंजीकरण किया गया है। गिरोह ने बहुत कम समय में बोगस फर्मों से सौ करोड़ का टर्नओवर किया है। लखनऊ और मुरादाबाद की टीम अब संयुक्त रूप से जांच करेगी।
राज्य कर विभाग ने लकड़ी से लदे दो ट्रकों को पकड़ने के बाद सात बोगस फर्मों द्वारा की जा रही जीएसटी चोरी पकड़ी है। ट्रक चालकों से बरामद कागजात के आधार पर जांच में आया है कि इस गिरोह ने एक ही मोबाइल नंबर से सीतापुर जिले की भारत इंटरप्राइजेज और रोलेक्स फर्म का पंजीकरण कराया है। अन्य पांच फर्में अलग अलग नंबरों से पंजीकृत कराई गई हैं। इन फर्मों के संचालन के लिए पांच बैंकों में खाते खोले गए हैं। राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेट -2 आरए सेठ ने बताया कि लखनऊ से मोईन और काशीपुर से रियासत एटीएम और अन्य माध्यमों से पैसे निकालते हैं। काशीपुर से मास्टर माइंड रियायत ने हाल ही में साढ़े तीन करोड़ रुपये बैंकों से निकाल लिए हैं। एक पेट्रोल पंप को भी 70 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। इस मामले में राज्य कर अधिकारी ने बैंकों से संपर्क कर एटीएम से वीडियो फुटेज मांगा है। विभाग की एक टीम ने जांच किया तो पाया कि दो फर्में सीमेंट और सरिया का बिल काट रही हैं। इन फर्मों का संबंध बोगस फर्मों से हैं। आशंका है कि कोई ठेकेदार आईटीसी का दुरुपयोग कर रहा है। आरोपियों के बैंक खाते भी फ्रिज कराए जाएंगे।
लखनऊ एसआईबी अधिकारी से साधा संपर्क
राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड -2 ने बताया कि इस मामले में आरोपियों तक पहुंचने के लिए लखनऊ स्थित एसआईबी के अधिकारियों से संपर्क साधा गया है। मुरादाबाद और लखनऊ की टीमें डाटा साझा कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। यह गिरोह सीतापुर से हरियाणा लकड़ी सप्लाई करता है। जीएसटी चोरी करने के लिए गिरोह ने फर्जी ई वे बिल का इस्तेमाल किया है।