मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान की गई घपलेबाजी की जांच एसडीएम को सौंपी गई है। एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी ने बताया है कि उन्हें ग्राम पंचायत गोट की जांच करने का मौखिक आदेश मिल गया है। एक दो दिन में पत्रावली मिलने के बाद जांच की जाएगी। इधर एसडीएम से जांच की खबर फैलते ही पंचायत सचिवों में हड़कंप मच गया है। ब्लाक कुंदरकी की ग्राम पंचायत रतनपुरकलां के सरकारी स्कूलों में टाइल्स लगाने का काम तेजी से शुरू हो गया है।
आचार संहिता के दौरान अप्रैल और मई महीने में ब्लाक कुंदरकी की ग्राम पंचायत रतनपुरकलां में निर्माण कार्यों के नाम पर करीब 28.35 लाख रुपये निकाले गए थे, लेकिन सरकारी स्कूल में न तो टाइल्स लगीं और न ही हैंडपंप रिबोर कराए गए, जबकि इस मद में काफी धनराशि निकाल ली गई थी। यहां स्कूलों में कायाकल्प योजना पर 10.94 लाख रुपये, स्कूल में मरम्मत के नाम पर 1.83 लाख रुपये और टाइल्स लगाने के नाम पर 4.72 लाख रुपये निकाले गए थे। अमर उजाला ने इसकी खबर भी प्रकाशित की थी, लेकिन पंचायत सचिव ने नियमानुसार काम बताकर पल्ला झाड़ लिया था। इसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार गांव में जांच करने गए थे। उन्हें भी कोई निर्माण कार्य नहीं मिले थे। इस पर डीपीआरओ ने 15 दिन में निकाली गई धनराशि से सभी कार्य पूर्ण कराने का आदेश देकर चले आए थे। डीपीआरओ द्वारा 15 दिन का और समय देकर मामले में मौका देने की बात सामने आने के बाद अब सीडीओ ने ग्राम पंचायतों में हुए घपलेबाजी की जांच संबंधित एसडीएम से कराने का आदेश दे दिया है। इसके बाद से ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य तेजी से कराए जाने की जानकारी मिलने लगी है।
प्रशासकों के कार्यकाल में नहीं कराए गए कोई काम
ग्राम पंचायत रतनपुर कलां की प्रधान शहनाज परवीन का कहना है कि प्रशासकों के कार्यकाल में गांव में कोई काम नहीं कराए गए थे। हमें भी अमर उजाला की खबर से पता लगा था कि प्रशासक ने ग्राम पंचायत में काफी काम कराए हैं। इसके बाद गांव में अधिकारियों का आना शुरू हुआ। रविवार से सरकारी स्कूल में टाइल्स लगाया जाने लगा है। कई मिस्त्री और मजदूूर लगे हैं, जिससे लग रहा है कि कोई जांच होने वाली है और उसी में सब कुछ ठीक दिखाने की कोशिश की जा रही है।
ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच मिली है : एसडीएम
एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच का आदेश सीडीओ ने दिया है। अभी लिखित आदेश नहीं मिला है। जांच पत्रावली मिलते ही ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों का सत्यापन किया जाएगा और जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जिलाधिकारी ने चार्ज संभालने के बाद ही दे दिए थे जांच के आदेश
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने जिले का चार्ज संभालने के बाद ही ग्राम पंचायतों में प्रशासकों द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराने के आदेश दे दिए थे। जिलाधिकारी ने कहा था कि यदि ग्राम निधि से पैसा निकाल लिया गया है और काम नहीं कराया गया है तो संबंधित पंचायत सचिव सहित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही निकाली गई धनराशि की रिकवरी की जाएगी।