कांठ (मुरादाबाद)। अलवर (राजस्थान) से हरिद्वार जा रहे परिवार की स्कॉर्पियो बृहस्पतिवार सुबह अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। छजलैट थानाक्षेत्र के लदावली गांव के पास हुए हादसे में स्कॉर्पियो सवार बुजुर्ग की मौत हो गई जबकि महिला-बच्चों समेत परिवार के नौ सदस्य घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे राजस्थान के अलवर जनपद के अकबरपुर निवासी प्रेमचंद्र (70), भरत सिंह, सुभाष, उनकी पत्नी रेखा, पिता शंकर लाल निवासी ग्राम कराना पोस्ट बांसपुर जिला अलवर, करोड़मल उनकी पत्नी रेखा, बेटी खुशी निवासी प्रतापगढ़ जनपद जयपुर, मीरा देवी, कार चालक हेमंत निवासी परागपुरा पोस्ट कोठपुतली जयपुर और स्कॉर्पियो में सवार होकर हरिद्वार (उत्तराखंड) घूमने के लिए जा रहे थे। जब इनकी स्कॉर्पियो छजलैट थानाक्षेत्र के लदावली गांव के सामने पहुंची तो कार तेज रफ्तार होने के कारण अनियंत्रित होकर मुरादाबाद-कांठ मार्ग के किनारे पीपल के पेड़ से टकराई गई। हादसे में बुुजुर्ग प्रेमचंद्र की मौके पर मौत हो गई। जबकि महिलाओं, बच्चों सहित सभी नौ लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। छजलैट थानाध्यक्ष राम प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक अमित कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला और उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
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कहीं चालक को नींद की छपकी को नहीं बनी हादसे की वजह
कांठ। छजलैट थाना क्षेत्र के गांव लदावली में पेड़ से टकराई स्कॉर्पियो कार
के चालक को नींद की झपकी आना हादसे का कारण माना जा रहा है। छजलैट पुलिस इस
सड़क हादसे में कार की तेज रफ्तार के साथ ही चालक हेमंत को नींद की झपकी
लगने की वजह भी मान रही है। संवाद
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कार भी हो गई बुरी तरह से क्षतिग्रस्त
कांठ। सड़क किनारे खड़े विशालकाय पीपल के पेड़ से बृहस्पतिवार की सुबह
साढ़े पांच बजे टकराई तेज रफ्तार कार भी आगे से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो
गई। गनीमत यह रही है कि जिस समय कार पेड़ से टकराई, तुरंत उसके एयर बैग खुल
गए। जिससे कार में सवार नौ लोग घायल हुए हैं। लोगों का मानना है कि यदि एयर
बैग नहीं खुलते तो शायद इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था। संवाद