मुरादाबाद। नगर निगम अपना दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। सीमा विस्तार के बाद नगर निगम के वार्ड भी बढ़ जाएंगे। इससे 50 हजार और लोग शहरी हो जाएंगे। शहरी सीमा में करीब 15 गांवों के लोग शामिल होंगे। इसके लिए पूरा खाका तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक प्रमुख सचिव तक प्रस्ताव पहुंच चुका है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की बैठक में शामिल किया जा सकता है।
मुरादाबाद को 1994 में नगर निगम का दर्जा मिला था। तब से लेकर अब तक नगर निगम में कुल 70 वार्ड हैं। पिछले 30 वर्षों से नगर निगम की सीमा का विस्तार नहीं हुआ है। हालांकि, निगम ने 2016 में सीमा विस्तार का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन तब प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। 2016 में कुल दस गांवों को निगम की सीमा में जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसमें पाकबड़ा और नया मुरादाबाद के भी इलाके शामिल थे। हालांकि, 2017 में राजस्व ग्राम पाकबड़ा के पूरे क्षेत्र को नगर पंचायत पाकबड़ा घोषित कर दिया गया था।
नियमों के अनुसार पाकबड़ा नगर पंचायत में शामिल गांवों को नगर निगम की सीमा में शामिल नहीं किया जा सकता है, इसलिए अब नगर निगम ने नए गांवों को चिह्नित कर सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें 15 नए गांव को चिह्नित किया गया है। यह सभी गांव शहरी सीमा से सटे हुए हैं। महापौर विनोद अग्रवाल की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को शासन से हरी झंडी मिले, ताकि शहरी क्षेत्र का विस्तार हो सके।
निगम के अधिकारियों के मुताबिक शहरी क्षेत्र से सटे हुए इन गांवों में विकास प्राधिकरण की ओर से कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं और अधिकतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही जिन क्षेत्रों में सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां शहरी सीमा से सटे होने के चलते पानी, सीवर, सड़क और मार्ग प्रकाश व्यवस्था होना आवश्यक हो गया है। इन क्षेत्रों को आसानी से लिंक मार्ग से आपस में जोड़ा भी जा सकता है। सीमा विस्तार होने के बाद यहां विकास कार्य आसानी से कराए जा सकेंगे और इन गांवों में नगरीय संस्कृति विकसित की जा सकेगी।
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20 नए वार्डों का हो सकता है गठन
नगर निगम की सीमा विस्तार होने के बाद 20 नए वार्डों का गठन हो सकता है। वर्तमान में शहर में कुल 70 वार्ड हैं। सीमा विस्तार का प्रस्ताव पास होने के बाद ही परिसीमन की कार्रवाई की जाएगी। 15 नए गांवों में वार्डों का गठन होगा। वहीं, शहर के कई वार्डों में परिसीमन से नए वार्डों का गठन होगा। सीमा विस्तार और नए वार्डों से नगर निगम की आय में भी इजाफा होगा।
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इन गांवों को किया गया शामिल
नगर निगम के सीमा विस्तार के प्रस्ताव में 15 नए गांवों को शामिल किया गया है। इनमें मोरा मुस्तहकम व एहतमाली, भटावली एहतमाली व मुस्तहकम, सोनकपुर देहात (भोला सिंह की मिलक), मंगूपुरा, बसंतपुर रामराय, रामनगर मजरा मुस्तहकम व एहतमाली, मुस्तफाबाद मुस्तहकम व एहतमाली, भंसिया, बरबारा मजरा, मनोहरपुर (आंशिक), रसूलपुर सुनवाती, डिडेरी, डिडौरा, खदाना और चौधरपुर आदि गांव शामिल हैं।
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दस हजार भवन आएंगे टैक्स के दायरे में
नगर निगम की सीमा विस्तार होने के बाद इन 15 ग्राम सभा के करीब 9248 भवन (2011 की जनगणना के अनुसार) शहरी इलाकों में आ जाएंगे। इन सभी को शहरी सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही इन सबसे गृह कर व जल कर भी वसूला जाएगा। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इन 9248 भवनों में करीब 55,581 की आबादी निवास करती है। इनकी दूरी भी रेलवे स्टेशन से 10 किलोमीटर के भीतर है। प्रस्तावित योजना के अनुसार निगम की सीमा का 2831.894 हेक्टेयर का दायरा और बढ़ जाएगा।
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नगर निगम की सीमा का विस्तार पिछले 30 वर्षों से नहीं हुआ है। सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो शहरी क्षेत्र में शामिल होने वाले गांवों में भी तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त