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स्कूल तैयार, बच्चों का इंतजार, अभिभावकों की हां और ना

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मुरादाबाद। मंगलवार को एक तरफ सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया। दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा 6 से 8वीं तक के परिषदीय स्कूल जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं। जिसे लेकर स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और बच्चों के बीच सरगर्मी बढ़ गई है। प्रिंसिपल स्कूल खोलने को तैयार हैं। स्कूलों को बच्चों के लिए तैयार भी किया जा रहा है। प्रिंसिपलों का कहना है कि उन्हें सिर्फ स्कूल खोलने के लिए हरी झंडी का इंतजार है। हालांकि अभिभावकों में स्कूल खोलने को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया है। इसके लिए कुछ अभिभावकों की हां हैं तो कुछ की ना है। फिलहाल अब सबकी नजर शासन के अगले आदेशों पर है।
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- स्कूल के स्तर से तैयारी पूरी है। अगर प्रशासन की ओर से स्कूल खोलने की परमिशन मिलती है तो इसके लिए हम तैयार हैं। स्कूल के कमरों को सैनिटाइज किया जा रहा है। सरकार के दिशा निर्देशों और कोविड के नियमों का पूरा पालन किया जाएगा।
- एस. संतराम, प्रेसीडेंट, मुरादाबाद एसोसिएशन आफ प्राइवेट स्कूल्स
- हमें सिर्फ अनुमति मिलने का इंतजार है। कमरे सैनिटाइज किए जा चुके हैं। स्कूल खोलने के लिए योजना बना ली गई है। बच्चों को एक साथ स्कूल नहीं बुलाएंगे। दो-दो सेक्शन करके बच्चों को स्कूल बुलाएंगे। छुट्टी भी अलग-अलग समय पर करेंगे। अभिभावकों को अंदर आने की अनुमति नहीं रहेगी। उन्हें बच्चों को बाहर से लेना होगा।
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- सुनीता भटनागर, प्रिंसिपल, बोनी एनी पब्लिक स्कूल
- स्कूल में कक्षा छह से आठ तक के संचालन की तैयारी शुरू कर दी गई है। कमरों को सैनिटाइज किया जा रहा है। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अभिभावकों को सूचना दी जाएगी। उन्हें जागरूक किया जाएगा। कक्षाएं शुरू करने से पहले अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे। स्कूल खुलना बच्चों के हित में है।
- मेजर राजीव ढल, प्रिंसिपल, महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज
- हमें तो प्रशासन से कक्षाएं शुरू करने के लिए हरी झंडी का इंतजार है। कमरों को दोबारा से सैनिटाइज कराया जा रहा है। फर्नीचर की सफाई कराई जा रही है। कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा। स्कूल के स्तर से तैयारी पूरी है।
- अर्चना साहू, प्रिंसिपल, साहू रमेश कुमार कन्या इंटर कालेज
- भले ही कक्षा नौ से बारह तक के लिए स्कूल खोल दिए गए हो, लेकिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम ही है। पुराने सत्र में सिर्फ एक महीना का वक्त बचा है। ऐसे में कक्षा छह से आठ तक के लिए स्कूल खोलना जल्दीबाजी होगी। अप्रैल मई में स्कूल खोलने चाहिए।
- अनुज गुप्ता, संयोजक, मुरादाबाद पेरेंट्स ऑफ ऑल स्कूल
- जब सब कुछ खुल चुका है तो स्कूल भी खोल देना चाहिए। विषम परिस्थितियों में ऑनलाइन पढ़ाई तो ठीक थी। लेकिन अब हालात सही होने लगे हैं। कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए सामाजिक दूरी और मास्क के साथ बच्चों के लिए भी कक्षाएं शुरू की जा सकती है।
- डा. शहाबुद्दीन, अभिभावक
- अभी छोटे बच्चों के स्कूल नहीं खुलने चाहिए। डेढ़ दो महीने और इंतजार करना चाहिए। अभी फ्रंटलाइन वर्करों को टीका नहीं लगा है। वैसे भी बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। बच्चे अभी ऑनलाइन में रम गए हैं। एक अप्रैल से स्कूल खोने पर विचार किया जाना चाहिए।
- भुवनेश शर्मा, अभिभावक
- अब स्कूल खुलने चाहिए। बच्चों की पढ़ाई के लिए ये जरूरी है। कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई का शेड्यूल पूरी तरह से बिगड़ चुका है। हर किसी के पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। मोबाइल नेटवर्क की भी दिक्कत रहती है। छोटे बच्चों की भी कक्षाएं शुरू की जाएं, बशर्ते कोविड प्रोटोल का पालन हो।
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- दिलीप मेहरोत्रा, अभिभावक
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