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मार्च के अंत तक फीस जमा करने के वादे पर परीक्षा में बैठने की अनुमति

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मुरादाबाद। स्कूल संचालक अभिभावकों से मार्च के अंत तक फीस जमा करने के प्रार्थना पत्र लेकर विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के भविष्य की खातिर अब वह फीस का बंदोबस्त करने में जुटे हैं।
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जिगर कालोनी निवासी एक अभिभावक ने बताया कि उनकी दो बेटियां कक्षा एक और कक्षा चार में पढ़ती हैं। कोरोना संक्रमण काल में उसकी नौकरी छूट गई। इसकी वजह से वह बेटियों की एक भी माह की फीस जमा नहीं कर पाए। इसकी वजह से स्कूल संचालकों ने बेटियों को आनलाइन ग्रुप पर ब्लॉक कर दिया था। पिछले तीन महीने से बेटियों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही थी। अब छह मार्च से वार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसलिए वह शुक्रवार को स्कूल गए थे। एक क्वार्टर की फीस जमा कराकर उन्होंने बेटियों के भविष्य की खातिर उन्हें आनलाइन ग्रुप में जोड़ने की गुहार लगाई। साथ ही अप्रैल माह में दूसरे क्वार्टर की फीस जमा करने का लिखित में आश्वासन दिया था। उन्होंने प्रार्थना पत्र ले लिया और मार्च माह में ही दूसरे क्वार्टर की फीस जमा करने को कहा है। उन्होंने बेटियों को ग्रुप में जोड़ने का भी आश्वासन दिया है।
डिप्टीगंज निवासी अभिभावक ने बताया कि उनकी बेटी कक्षा 11 की छात्रा है। ऑफलाइन वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। तीन माह की फीस जमा है। शिक्षकों ने बेटी को परीक्षा में शामिल कर लिया और प्रार्थना पत्र लिखने को कहा था। मैंने एक-एक क्वार्टर की फीस जमा करने को कहा तो उन्होंने 20 मार्च तक पूरी फीस जमा करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि परीक्षाएं भी 20 मार्च को समाप्त हो रही हैं। नौ माह की करीब 37 हजार रुपये फीस जमा करनी है।
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यदि किसी विद्यार्थी की आठ से नौ माह की फीस जमा है और उसे परीक्षा से रोका जा रहा है तो अभिभावक हमें बताएं, हम स्कूल से बात कर उनकी परीक्षा करवाएंगे। स्कूल को दोबारा परीक्षा लेनी पड़ेगी। सरकार ने मासिक आधार पर फीस जमा करने के निर्देश दिए थे। बहुत से अभिभावकों ने एक भी माह की फीस जमा नहीं की है। अभिभावकों की समस्या को देखते हुए स्कूल कुछ समय बाद में फीस जमा करने के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों को परीक्षाएं दिलवा रहे हैं। अभिभावक भी बकाया फीस जमा करके सहयोग करें।
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प्रदीप द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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