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छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपियों की होगी कुर्की

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मुरादाबाद। 7000 फर्जी बैंक खाते खुलवाकर केंद्र सरकार की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की रकम हड़पने वाले गैंग के सरगना मुरादाबाद के ही रहने वाले हैं। पुलिस अभी तक इन्हें पकड़ने में नाकाम है। अमरोहा क्राइम ब्रांच ने अब इनकी कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। खास बात यह है कि मुरादाबाद में इनके द्वारा किए गए छात्रवृत्ति घोटाले में अभी तक कोई प्राथमिकी ही दर्ज नहीं है। गैंग ने मुरादाबाद में तीन, अमरोहा में पांच और संभल में 12 फर्जी संस्थाएं सिर्फ कागजों पर खड़ी करके वजीफे के करीब 10 करोड़ रुपये हड़पे हैं।
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अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय की ओर से कराई गई जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद अमरोहा और संभल जिले में तीन - तीन मुकदमे दर्ज कराए गए थे। मुरादाबाद में भी एफआईआर कराकर कार्रवाई करने के आदेश निदेशालय ने दिए थे। लेकिन विभागीय अफसरों ने इस पूरे मामले को दफना दिया। निदेशालय की जांच में मुरादाबाद की जिन तीन संस्थाओं का नाम शामिल है, उनमें आराध्य संगीत महाविद्यालय शाहपुर तिगरी, माडर्न सिलाई कढ़ाई सेंटर मुरादाबाद और विनोबा प्रशिक्षण केंद्र कांठ का नाम शामिल है। अमरोहा में दर्ज तीन मुकदमों की विवेचना के बाद अमरोहा क्राइम ब्रांच चार दिन पहले अमरोहा के पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्रभान श्रीवास्तव को मुरादाबाद में अवंतिका कालोनी से गिरफ्तार कर चुकी है। चार अन्य आरोपी भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस गैंग का सरगना मुरादाबाद में हिमगिरी निवासी संजोग अग्रवाल उर्फ संजू मैसी उर्फ सोनू है, जो मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला है। उसने ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों व कुछ बैंक कर्मियों की मदद से इस फर्जीवाड़े की पटकथा लिखी और पूरे मंडल में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर छात्रवृत्ति की रकम हड़पी। विवेचना के दौरान रामपुर जिले में भी बड़ी तादाद में फर्जी खाते खोलकर पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की रकम हड़पने का पता चला है। पुलिस ने संजोग और उसके फरार साथी महमूद अली निवासी काजीपुरा को भगौड़ा घोषित करके दोनों की कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दोनों की तलाश में पुलिस ने कई बार छापामारी की लेकिन यह हाथ नहीं आए। अभी तक पुलिस इस मामले में चंद्रभान श्रीवास्तव के अलावा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अमरोहा के संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर आस मोहम्मद, ग्राहक सेवा केंद्र चलाने वाले संभल के मुज्जमिल, बाबू मयंक अग्रवाल और मुरादाबाद में हिमगिरी निवासी हर्षवर्धन को गिरफ्तार कर चुकी है।
निदेशालय की जांच में 20 संस्थाएं निकली थीं फर्जी
मुरादाबाद। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए हजारों छात्रों का आवेदन अग्रसारित करने वाली मंडल की 20 संस्थाएं अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय की जांच में फर्जी निकली हैं। इनमें मुरादाबाद की तीन, अमरोहा की पांच और संभल की 12 फर्जी संस्थाएं शामिल हैं। निदेशालय की जांच रिपोर्ट में जिन संस्थाओं को फर्जी पाया गया है उनमें अमरोहा जिले में जागृति संगीत महाविद्यालय, मधुरम संगीत महाविद्यालय, उजाला कला केंद्र, राजहंस संगीत कला केंद्र तथा कौशल कला केंद्र शामिल है। इन पांचों ने 896 छात्रों की छात्रवृत्ति सत्र 2017-18 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पी। यह संस्थाएं मौके पर मिली ही नहीं। छात्रों के जो नंबर दिए गए थे वह भी फर्जी निकले। 2016-17 में इन्हीं संस्थाओं ने फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करके 1400 छात्रों की छात्रवृत्ति हड़पी। पिछले वित्तीय वर्षों की अभी तक जांच चल रही है। संभल की कुल 12 संस्थाएं फर्जी निकलीं, इनमें सरस्वती संगीत शिक्षा विद्यालय चंदौसी, सोमवती महिला सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र चंदौसी, मीमांसा संगीत महाविद्यालय बहजोई, रिभु गर्ग प्रशिक्षण स्कूल चंदौसी, आस्था संगीत महाविद्यालय किरारी, ब्रहम्मादेवी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र बहजोई, दुर्गा संगीत समिति, प्रत्यांशी संगीत एकेडमी, तनिष्क संगीत एकेडमी और न्यू स्टाइल कला केंद्र शामिल है। इन संस्थाओं ने सत्र 2017-18 में 1266 छात्रों की छात्रवृत्ति फर्जी बैंक खातों की मदद से हड़प ली। पिछले सत्रों की जांच पुलिस को अभी करनी है। इसी तरह मुरादाबाद में आराध्य संगीत महाविद्यालय शाहपुर तिगरी, माडर्न सिलाई कढ़ाई सेंटर मुरादाबाद और विनोबा प्रशिक्षण केंद्र कांठ ने सत्र 2017-18 में 166 छात्रों का वजीफा फर्जी बैंक खातों और दस्तावेजों की मदद से हड़प लिया। पिछले वर्षों में हुए घोटाले का पता विवेचना से चलता लेकिन यहां अधिकारियों ने घोटाले की रिपोर्ट ही दर्ज नहीं कराई।
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