कांठ। क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुर्जर में चल रही जम्भवाणी श्री हरिकथा के दूसरे दिन रविवार को कथावाचक आचार्य गोविंदशरणानंद महाराज ने कहा कि भगवान विष्णु की भक्ति से मनुष्य के जीवन में शांति, सुख और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक अशांति एवं तनाव से मुक्ति पाने के लिए सत्संग और भगवान का स्मरण अत्यंत जरूरी है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को ईश्वर की भक्ति और सत्संग अवश्य ही करना चाहिए।
श्री बिश्नोई मंदिर भीमगोडा हरिद्वार उत्तराखंड के महंत संत स्वामी प्रणवानंद जी महाराज ने कथा के दौरान कहा कि कथा को सुनने से श्रद्धालुओं में धर्म, सेवा और मानव कल्याण की भावना जागृत होती है। इस दौरान संत स्वामी रामेश्वरानंद महाराज, राजूराम महाराज, स्वामी शरणानंद महाराज, स्वामी ऋषिदानंद महाराज, स्वामी जगदेवानंद महाराज, प्रेमदास महाराज, योगानंद महाराज, स्वामी सर्वानंद महाराज, आचार्य विश्वात्मानंद महाराज आदि संतों ने अपने संदेश में कहा कि जम्भाणी संस्कृति मानवता, जीव दया, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
इस दौरान कथा एवं सत्संग के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में झूम उठे। अंत में कार्यक्रम आयोजक सहकारी गन्ना विकास समिति कांठ के डायरेक्टर राहुल बिश्नोई और आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया। कुंदरकी विधायक पुत्र ठाकुर विक्की, राजीव बिश्नोई, संजय बिश्नोई, राकेश कुमार, हरदीप सिंह बिश्नोई, मोनू बिश्नोई बजरंगी, राजवीर सिंह बिश्नोई, सीपी सिंह बिश्नोई, राजकुमार सेवक आदि भारी संख्या में श्रद्धालु रहे। संवाद
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