पीतल नगरी में कोरोना का खौफ बरकरार है। 19 मार्च से अब तक दहशत के 85 दिनों में मुरादाबाद में 291 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके हैं। 14 संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है। प्रतिदिन औसतन तीन पॉजिटिव मरीज आए हैं। जबकि सैंपलिंग की दर काफी धीमी है। सैंपलिंग की रफ्तार बढ़ने से मरीजों की संख्या भी कई गुना बढ़ने की आशंका है। इसलिए संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है।
मुरादाबाद में कोरोना का पहला केस 19 मार्च को सामने आया था। फ्रांस से लौटी मूंढापांडे की युवती पॉजिटिव आई थी। 11 अप्रैल को दूसरा केस और इसके बाद संक्रमितों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती गई। 12 जून तक संक्रमितों की संख्या 291 पहुंच गई है।
इनमें 14 संक्रमितों की अस्पताल में मौत भी हो चुकी है। 85 दिनों में 290 संक्रमित यानी प्रतिदिन औसतन तीन पॉजिटिव मरीज निकले हैं। संक्रमितों की मृत्यु दर भी चार फीसदी है। पॉजिटिव मरीजों की गिनती में मुरादाबाद प्रदेश में 9वें और मृतकों की संख्या में 7वें स्थान पर है।
मुरादाबाद में 19 मार्च से अब तक 8511 सैंपल हुए हैं। प्रतिदिन औसतन 100 सैंपल हैं। जबकि जिले की आबादी 47 लाख से अधिक है। कोरोना का संक्रमण मुरादाबाद शहर से बाहर गांव-कस्बे तक पहुंच चुका है। प्रवासियों ने संक्रमण की रफ्तार बढ़ाई है।
बाजारों और कार्यालयों के खुलने के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ा है। जिले में 80 फीसदी मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं है। ऐसे में कई लोगों को कोरोना होकर ठीक भी हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के सैंपलिंग की रफ्तार बढ़ने से संक्रमितों की संख्या भी कई गुना बढ़ सकती है।