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UP: संभल की वक्फ संपत्तियों की होगी जांच, जामा मस्जिद के पास बन रही पुलिस चौकी की जमीन पर दावे के बाद फैसला

Thu, 02 Jan 2025 11:57 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल की वक्फ संपत्तियों की जांच होगी। जामा मस्जिद के पास बन रही पुलिस चौकी की जमीन पर दावे के बाद यह फैसला लिया गया है। 
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संभल की जामा मस्जिद।  - फोटो : संभल
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विस्तार
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संभल की जामा मस्जिद के करीब बन रही पुलिस चौकी की संपत्ति पर विवाद उठने के बाद प्रशासन ने शहर की सभी वक्फ संपत्तियों की जांच करने का निर्णय लिया है। इस बीच कागजों की पड़ताल के बाद नगर पालिका की बताई गई है। 
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कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान शहर में हुई हिंसा के बाद सख्ती जारी है। इसके तहत ही जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी बनाई जा रही है। जिसका नाम सत्यव्रत है। कुछ लोगों ने पुलिस चौकी का निर्माण होने वाली भूमि को वक्फ संपत्ति बताते हुए दावा किया था। 

इसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई थी। जांच में लोगों की ओर से पेश किए गए सभी दस्तावेज वैध नहीं मिले थे। इसके बाद यह सामने आया है कि शहर में कई वक्फ संपत्तियां हैं, जिनके खुर्दबुर्द करने की आशंका हैं। डीएम ने बताया कि वक्फ की दो तरह की जमीनें होती हैं। 
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पहली वक्फ अल औलाद और दूसरी वक्फ अलल खैर। दोनों ही तरह की जमीन में कुछ शर्ते होती हैं, लेकिन इनको बेचा नहीं जा सकता है। उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि कई वक्फ संपत्तियों को खुर्दबुर्द किया गया है। इसकी जांच के लिए टीम बनाई जाएगी, जांच के बाद हकीकत सामने आएगी।  

वक्फ अल औलाद
यह ऐसी संपत्ति होती है जिसे कोई व्यक्ति मुस्लिम समुदाय को दान में देता है। इसका मकसद किसी व्यक्ति या परिवार के कल्याण के लिए होता है। 

वक्फ अलल खैर
यह ऐसी संपत्ति होती है जिसका मालिक कोई नहीं होता। इसका मकसद आम जनता के कल्याण के लिए होता है। इस संपत्ति की देखभाल की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की होती है। वक्फ बोर्ड इस संपत्ति के लिए एक प्रबंधक यानी मुतवल्ली नियुक्त करता है।

वक्फ संपत्तियां दो प्रकार की होती हैं, लेकिन दोनों ही तरह की सपंत्तियों को बेचा नहीं जा सकता है। अल औलाद में अलग तरह की शर्त है। जिसके अनुसार जिस परिवार का वक्फ नामा है उसकी औलाद इसका इस्तेमाल करती है, लेकिन इसे बेचा नहीं जा सकता है। - मुस्तकीम अहमद, राजस्व के वरिष्ठ अधिवक्ता, संभल

वक्फ की संपत्तियों को बेचने का खेल मिलीभगत से होता है। शहर में कई संपत्तियां हैं, जो खुर्दबुर्द की गई हैं। इसमें जिम्मेदारों की भी मिलीभगत होती है। शहर में वक्फ संपत्तियों की जांच की जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी। - प्रदीप कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, संभल बार एसोसिएशन, संभल

वक्फ संपत्तियों के खुर्दबुर्द होने की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी। यदि वक्फ संपत्तियां खुर्दबुर्द पाई गई तो कार्रवाई भी होगी। जो दस्तावेज अभी तक सामने आए हैं। उनकी भी जांच की जाएगी। इसके लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल
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क्या मोदी कुवैती नेताओं को संभल की पुलिस चौकी दिखा सकते हैं?
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी की कुवैती नेताओं से हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि क्या पीएम मोदी संभल में मस्जिद के पास वक्फ की जमीन पर बनाई जा रही पुलिस चौकी को कुवैती नेताओं को दिखा सकते हैं। एआईएमआईएम चीफ ने कहा, पीएम शेखों को बुलाकर दिखाएं कि उनकी सरकार संभल में क्या कर रही है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इलाके में मिली बावड़ी के रास्ते को बंद करने के लिए चौकी का निर्माण कर रही है। औवेसी का आरोप है कि संभल में जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी का निर्माण वक्फ की जमीन पर किया जा रहा है। 
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