घर लौटने की बात न कहकर निकला था अरुण
थाना प्रभारी हरीश कुमार के अनुसार, परिजनों ने बताया कि 29 जुलाई को शिक्षकों ने अरुण को स्कूल के बाहर बीड़ी पीते देखा था। जिसके बाद शिक्षकों ने परिजनों से शिकायत की तो परिजनों ने शाम को अरुण को काफी डांटा था। जिससे अरुण काफी नाराज था।
30 जुलाई को जब वह घर से निकला तो घर वापस न लौटने की बात कह रहा था। जिसके बाद मां-पिता उसके पीछे-पीछे स्कूल तक गए थे। जब वह स्कूल पहुंच गया तो घर वापस लौट आए। छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर चले गए, लेकिन अरुण घर नहीं पहुंचा।
परिजन स्कूल पहुंचे तो जानकारी मिली कि वह तो छुट्टी होने के बाद साइकिल लेकर चला गया था। तभी से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे।
दो बहनों का इकलौता भाई था अरुण
अरुण दो बहनों का इकलौता भाई था। एक बहन उससे बड़ी और दूसरी छोटी है। परिवार में इकलौता होने पर वह मां-पिता के साथ ही बहनों को भी काफी लाडला था। बृहस्पतिवार को जब अरुण का शव मिला तो मां अनीता बेहोश हो गई। साथ ही दोनों बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। ढाढस बंधाने वालों की आंखों भी नम हो गईं।