माहौल को तनावग्रस्त करने का लगा था आरोप
आरोप यह भी लगाया था कि बिना अधिकारिकता के बयानबाजी करने, पुलिसिंग तथा अपने कार्यों को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने, सेवा नियमावलियों से इतर कार्य कर माहौल को तनावग्रस्त करने तथा वर्ग विशेष में असुरक्षा की भावना उत्पन्न कर रहे हैं।
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इस शिकायत के बाद ही आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) ने एसपी एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद संभल में तैनात एएसपी श्रीश्चंद्र ने जांच की। जांच के दौरान एएसपी ने स्थानीय उन लोगों के बयान लिए, जो पीस कमेटी की उस बैठक में मौजूद थे, जहां सीओ ने ऐसा बोला था।
'उनकी बातों से किसी भी धर्म विशेष की भावनाएं आहत नहीं हुई थी'
इसके अलावा सीओ की बात का समर्थन करने वाले जनता कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा और असमोली के गांव दबोई निवासी यासीन के बयान भी दर्ज किए थे। अनुज चौधरी ने कहा कि उनकी बातों से किसी भी धर्म विशेष की भावनाएं आहत नहीं हुई थी। मात्र कुछ व्यक्तियों द्वारा राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
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दूसरा बयान
ईद को लेकर 28 माच को हुई बैठक में सीओ ने कहा था कि यदि ईद की सेवई खिलानी हैं तो गुजिया भी खानी होगी। सीओ ने जांच के दौरान दिए बयान में कहा है कि वह दोनों समुदायों के बीच शांति कायम करने के लिए प्रयास कर रहे थे। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिससे किसी समुदाय की भावना आहत हों।