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यूपी: बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद की जांच के लिए एएसआई की टीम पहुंची, कई थाने की पुलिस और पीएसी भी तैनात

Tue, 08 Sep 2026 03:32 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल शहर के चौधरी सराय में स्थित बाबा बहाउद्दीन मस्जिद की शिकायत मामले में जांच जारी है। आज एएसआई की टीम पहुंची है। डीएम से की शिकायत के बाद एएसआई की टीम जांच करेगी। मौके पर कई थाने की पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
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Sambhal mosque investigation ASI team - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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संभल शहर के चौधरी सराय में स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद की जांच मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम पहुंच गई है। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ भारी पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद है। मस्जिद कमेटी के सदस्यों को मौके पर बुलाया गया है। 
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 श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चंद्र त्यागी ने 31 अगस्त को डीएम अंकित खंडेलवाल से शिकायत की थी। इसमें दावा किया गया है कि 10 से 15 वर्ष के अंदर इस मस्जिद का विस्तार अवैध तरीके से किया गया है। साथ ही यह मस्जिद जामा मस्जिद की संपत्ति बताई गई है। 

संभल एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू हुई है। वहीं, शिकायतकर्ता ने बताया है कि मस्जिद के निर्माण को किले जैसी संरचना का रूप दिया गया है। यह संपत्ति जामा मस्जिद की है। 
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शिकायतकर्ता का दावा है कि जामा मस्जिद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित इमारत है। गाटा संख्या 170/1 की 121 एयर और 170/3 की 61 एयर जमीन का उल्लेख है। 

राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन जामा मस्जिद के नाम दर्ज है। वहीं, मुतवल्ली इरशाद का कहना है कि गलत तरीके से शिकायत की गई है। इस मामले में प्रशासन को जांच कर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

सहारनपुर मस्जिद ढहाना शर्मनाक : सांसद बर्क
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाने को शर्मनाक और निंदनीय बताया है। सांसद ने कहा कि यह मस्जिद 1911 से भी पहले बनी थी। पुलिस-प्रशासन द्वारा इतनी पुरानी मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई इन्साफ और कानून के राज पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

सपा सांसद ने यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई हमारे संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी चुनौती देती है। किसी भी धर्म स्थल को राजनीतिक स्वार्थ या किसी अन्य मकसद के लिए निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

 

उन्होंने कहा कि आजकल एक गिरोह साजिश के तहत धर्म स्थलों के खिलाफ शिकायत करता है। इसके बाद उन धर्म स्थलों को गिरा दिया जाता है। संविधान ने हमें मजहबी आजादी और धर्म स्थलों की हिफाजत का अधिकार दिया है। इस अधिकार को छीनने का हक किसी को नहीं है।

 
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सांसद ने कहा कि भारत किसी एक धर्म या समुदाय का देश नहीं है। देश को नफरत और धार्मिक टकराव की नहीं, बल्कि इन्साफ और तरक्की की जरूरत है। हुकूमतों को धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने के बजाय बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और देश की तरक्की पर ध्यान देना चाहिए। सांसद ने कहा कि संविधान की हिफाजत, कानून का सम्मान और हर धर्म की आस्था की सुरक्षा ही मजबूत हिंदुस्तान की पहचान है।
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