सांसद आजम खां, उनकी पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को रामपुर की जेल से अचानक सीतापुर की जेल ले जाए जाने पर उनके वकीलों ने आपत्ति जताई है।
सांसद के वकीलों ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि अदालत की जानकारी में लाए बिना आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे को रामपुर से स्थानांतरित क्यों किया गया है। सांसद ने अधिवक्ताओं ने आशंका जताई है कि सीतापुर की जेल में आजम खां की जान को खतरा है। कोर्ट ने इसका संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और जेलर से जवाब तलब किया है।
सांसद आजम खां पर लगभग 85 मुकदमे दर्ज हैं। कई मुकदमों में उनकी पत्नी विधायक डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को भी आरोपी बनाया गया है।
मुकदमों की सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर कोर्ट से गैर जमानतीय वारंट और कुर्की का आदेश जारी होने के बाद सांसद आजम खां ने बुधवार को अपनी पत्नी और बेटे को साथ बुधवार को अदालत में समर्पण कर दिया गया था। कई मामलों में जमानत नहीं मिलने बाद उनको पत्नी और बेटे साथ न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया था। गुरुवार की सुबह अचानक आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे को सीतापुर की जेल भेज दिया गया।
आजम खां को रामपुर की जेल से स्थानांरित किए जाने की सूचना मिलने पर उनके वकीलों ने एडीजे-6 धीरेंद्र कुमार की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि कोर्ट की जानकारी के बिना आजम खां को यहां से क्यों ले जाया गया। अगर किसी दूसरी जगह पर ले जाया गया है तो इसका आधार क्या है।
उनके वकीलों ने कोर्ट में कहा कि सोशल मीडिया से पता चला है कि सांसद को सीतापुर की जेल में ले जाया गया है। सीतापुर की जेल में आजम खां और डॉ. तजीन फात्मा की जान को खतरा है क्योंकि आजम खां 72 साल के हो चुके हैं और उनको कई बीमारियां हैं।
उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के कई आपरेशन हो चुके हैं। दोनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा की जरूरत है और सीतापुर की जेल में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। सीतापुर की जेल में चिकित्सा सुविधा के अभाव में पिछले छह माह में तीन लोगों की संदिग्ध हालत में मौत हो चुकी है।
उनके वकीलों ने कोर्ट से कहा कि सांसद को यहां से शिफ्ट करने की जानकारी उनके परिवार के सदस्यों और अधिवक्ताओं को भी नहीं दी गई। साथ ही स्टेट को यह पता नहीं है कि सांसद कहां हैं। कोर्ट ने आजम खां के अधिवक्ताओं के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और जेलर से जवाब तलब किया है।
सांसद आजम खां, विधायक डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम न्यायिक अभिरक्षा में हैं। कोर्ट की जानकारी और अनुमति के बिना उनको रामपुर से स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके पीछे राजनीतिक षडयंत्र हो सकता है। कोर्ट ने हमारे प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लिया है और जेलर को तलब भी कर लिया था। जेलर हमारे आवेदन के क्रम में शुक्रवार को अपना जवाब देंगे। -खलील उल्लाह खां, आजम खां के अधिवक्ता