सांसद आजम खां पर दर्ज हुए मुकदमे और उत्पीड़न की जांच करने समाजवादी पार्टी विधानमंडल दल का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार रामपुर पहुंचा। विधान परिषद में विपक्ष के नेता अहमद हसन के नेतृत्व में आई कमेटी ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। कमेटी ने उन लोगों से बात की जिनके खिलाफ लोकसभा के चुनाव के दौरान और उसके बाद मुकदमे दर्ज हुए हैं। कमेटी अपनी रिपोर्ट सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेगी।
सांसद आजम खां पर किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप लग रहे हैं। उनके खिलाफ इस आरोप में 26 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आजम खां इस आरोप को निराधार बता रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने पार्टी स्तर पर बात की थी। आजम खां पर दर्ज हो रहे मुकदमों का संज्ञान लेते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधान परिषद में विपक्ष के नेता अहमद हसन के नेतृत्व में 21 सदस्यीय जांच दल का गठन किया था।
जांच दल के सदस्यों ने शनिवार को रामपुर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जांच दल जौहर यूनिवर्सिटी भी पहुंचा, जहां उनको जमीन खरीदने से संबंधित कागजात दिखाए गए। इसके अलावा जिन लोगों पर लोकसभा के चुनाव के दौरान रेड कार्ड जारी किए गए थे। उन्होंने जांच दल के सामने अपनी बात रखी। जांच दल के सदस्य निरीक्षण भवन में कुछ देर के लिए पहुंची।
यहां जांच दल के नेता अहमद हसन ने बताया कि हमने इस मुद्दे पर लोगों से बातचीत की है। अभी जांच जारी है, इसलिए इस मुद्दे कुछ कहना ठीक नहीं है। अगर किसी को कुछ कहना है तो वह जांच दल तक अपनी बात पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी। इसके बाद शाम लगभग पांच बजे जांच दल के सदस्य वापस चले गए।
सपा के जांच दल में शामिल सदस्य
कमेटी में अहमद हसन के साथ बलराम यादव, नरेश उत्तम पटेल, दुर्गा प्रसाद यादव, शैलेन्द्र यादव ललई, नरेन्द्र वर्मा, रामसुंदर दास निषाद, मो. रिजवान, ओमकार सिंह यादव, शशांक यादव, तसलीम अहमद, फहीम इरफान, शरदवीर सिंह, नवाब जान, आशुतोष उपाध्याय, नईम उल हसन, उदयवीर सिंह, पुष्पराज जैन उर्फ पम्मी, वासुदेव यादव, राजपाल कश्यप, संजय लाठर, लीलावती कुशवाहा, इकराम कुरैशी समेत अन्य नेता शामिल रहे।