मुरादाबाद। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन का सेफ्टी सेमिनार और मंडल अधिवेशन बृहस्पतिवार को मनोरंजन सदन में आयोजित हुआ। इसमें लोको पायलटों की कार्य परिस्थितियों, ड्यूटी अवधि, विश्राम और लंबे समय से लंबित मांगों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के मंडल अध्यक्ष शरीफ अहमद ने की। अपर मंडल रेल प्रबंधक पारितोष गौतम मुख्य अतिथि रहे।
सेमिनार में लोको पायलटों ने कहा कि ट्रेनों की संख्या और गति बढ़ने के साथ तकनीकी उपकरण, सिग्नलिंग, वैगन-कोच और साइडिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। इसके बावजूद रनिंग स्टाफ को पर्याप्त विश्राम और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संगठन के पदाधिकारी एसएस हांडा ने कहा कि रेल सुरक्षा लोको पायलट की मानसिक और शारीरिक फिटनेस से सीधे जुड़ी है। लंबे समय की ड्यूटी, कम विश्राम और लगातार नाइट ड्यूटी से थकान बढ़ती है। इसलिए रनिंग स्टाफ को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण विश्राम मिलना जरूरी है। सेमिनार में मंडल में लोको रनिंग स्टाफ के रिक्त पद भरने, 36 घंटे में मुख्यालय वापसी सुनिश्चित करने, क्रू चेंज पॉइंट पर ही क्रू बदलने और उचित लिंक व्यवस्था लागू करने की मांग उठी। लक्सर, हापुड़, बालामऊ और बरेली से क्रू को अधिकतम दो गाड़ी कार्य के बाद मुख्यालय वापस भेजने की मांग भी की गई।
इसके अलावा लगातार दो नाइट ड्यूटी से अधिक पर रोक, मेल एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में अधिकतम छह और आठ घंटे की ड्यूटी, आवधिक विश्राम में 16+30 घंटे लागू करने तथा लंबित कैडर पुनर्गठन की मांग की गई। संगठन ने बताया कि अंतिम कैडर पुनर्गठन 2009 में हुआ था। जोनल सचिव पदम सिंह गंगवार ने कहा कि कर्मचारी हित और रेल सुरक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। मंडल सचिव एसके चौरसिया ने कहा कि संगठन सुरक्षित रेल संचालन के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग लगातार उठाता रहेगा। कार्यक्रम में करीब 400 सदस्य और रेल अधिकारी शामिल हुए।