मुरादाबाद। राजकीय केजीके होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयुष इंटर्नशिप स्टाइपेंड को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बीएचएमएस इंटर्न और छात्र-छात्राओं ने स्टाइपेंड 7500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग को लेकर कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन और हड़ताल की। विरोध के चलते ओपीडी सेवाएं बाधित रहीं।
स्टाइपेंड की मांग को लेकर इंटर्न्स लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले उन्होंने मार्च निकाला था। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजा गया। बृहस्पतिवार को कॉलेज में धरना-प्रदर्शन किया। इंटर्न का कहना है कि बीएचएमएस की कंप्लसरी रोटेट्री इंटर्नशिप में 6 महीने कॉलेज और 6 महीने जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में रोटेशन पर ड्यूटी करनी पड़ती है। इस दौरान इंटर्न दिन-रात मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देते हैं। वे हेल्थकेयर सिस्टम का अहम हिस्सा हैं, फिर भी उन्हें मात्र 7,500 रुपये दिया जा रहा है, जो महंगाई और काम के बोझ के हिसाब से नाकाफी है। छात्रों ने कहा कि समान मेहनत और समान जिम्मेदारी के बावजूद स्टाइपेंड में भारी अंतर भेदभाव है। इस दौरान डॉ. मोनू मौर्या, डॉ. प्रकृति मौर्या, प्रवीण ठाकुर, डॉ. तेजस्विनी, डॉ. अजीम, डॉ. श्रुतिकीर्ति, डॉ. साहिल, डॉ. प्राची, डॉ. शिव कुमार, डॉ. कौशिक आनंद, डॉ. पुनीत, डॉ. सिमरन राज, डॉ. विभूति शुक्ला आदि मौजूद रहीं।
मरीज रहे परेशान
ओपीडी में उपचार न मिलने की वजह से मरीज परेशान रहे। मरीज सुशीला देवी ने कहा कि मेरी पैरों में दर्द है। यहां से उपचार चल रहा है। आज दवा लेने के लिए आई थी, लेकिन ओपीडी नहीं चली। एक घंटे से इंतजार किया है। मरीज क्रांति ने कहा कि मैं बैसाखी के सहारे चलती हूं और लाकड़ी से आई हूं। पिछले एक साल से यहां पर उपचार करवा रही हूं, लेकिन बृहस्पतिवार को हड़ताल के कारण दवा नहीं मिली। अब बिना दवा के ही लौटना पड़ रहा है।