मुरादाबाद। ये आंकड़े आपको झकझोर सकते हैं। लेकिन ये सच है। पिछले सात महीने में जिले की सीमाओं में 250 लोगों की जिंदगी हेलमेट की अनदेखी ने छीन ली है। जी हां, जनवरी से लेकर जुलाई तक जिले में हादसों में मरे 400 लोगों में से 250 की मौत सिर में चोट लगने से हुई। यह लोग दुपहिया वाहन पर बगैर हेलमेट के सफर कर रहे थे। यदि हेलमेट पहना होता तो हादसे में सिर सुरक्षित होने की वजह से इनकी जान बच सकती थी। बेहतर है कि लोग हेलमेट को तौहीन समझने के बजाए सुरक्षा कवच समझें। जिले में पुलिस ने भी लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसा अभियान चलाया है।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक हादसों में मरने वाले इन लोगों में तमाम ऐसे थे जो अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। एक हेलमेट की अनदेखी ने इनके घरों को उजाड़ दिया। पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सड़क हादसों में चौपहिया वाहनों की तुलना में दोपहिया वाहन सवारों के मरने की संख्या अधिक है। पुलिस ने इन मौतों को कम करने के लिए कवायद शुरू की है। पुलिस चालान के हंटर के साथ ही जागरूकता के लिए जगह - जगह स्लोगन भी लगा रही है। ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके। पुलिस की कोशिश है कि लोग पुलिस से बचने के लिए नहीं बल्कि अपना जीवन बचाने के लिए हेलमेट पहनें। क्योंकि ज्यादातर मामलों में लोग पुलिस चालान से बचने के लिए सस्ता सा हेलमेट पुलिस चेकिंग के दौरान लगा लेते हैं। यह कामचलाऊ हेलमेट हादसों में टिक नहीं पाते। अक्सर यह भी देखा जाता है कि लोग हेलमेट वाहन पर रखते तो हैं लेकिन उसे लगाते तभी हैं जब सामने कहीं पुलिस की चेकिंग नजर आती है।
दुपहिया वाहन चलाते समय लोगों को हेलमेट का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे उनकी जिंदगी सुरक्षित रहेगी। हरेक जिंदगी परिवार के लिए अनमोल होती है। अक्सर देखा जा रहा है कि दुपहिया वाहन पर हेलमेट नहीं होने की वजह से दुर्घटना में वाहन चालक के सिर में चोट लगती है और मौत हो जाती है। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें और यातायात नियमों का पालन करें।
- अमित पाठक, एसएसपी